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अनंत बजाज: को-आर्डिनेटर से 4298 करोड़ की कंपनी के MD तक का सफर

अनंत बजाज: को-आर्डिनेटर से 4298 करोड़ की कंपनी के MD तक का सफर
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बजाज इलेक्ट्रिकल्स के चेयरमैन शेखर बजाज के बेटे अनंत बजाज का 41 साल की उम्र में निधन हो गया. बताया जा रहा है कि अनंत बजाज की मौत उनके मुंबई स्थित आवास पर कार्डिअक अरेस्ट की वजह से हुई. अनंत को तेज-तर्रार बिजनेसमैन के तौर पर देखा जाता था. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कई अहम बातें...
अनंत बजाज: को-आर्डिनेटर से 4298 करोड़ की कंपनी के MD तक का सफर
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अनंत बजाज का जन्म बजाज इलेक्ट्रिकल्स के चेयरमैन शेखर बजाज और किरण बजाज के यहां 18 मई 1977 को हुआ था. उन्होंने मुंबई के हंसराज कॉलेज और एमपी जैन से पढ़ाई की. साथ ही अनंत ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट डिग्री हासिल की.

अनंत बजाज: को-आर्डिनेटर से 4298 करोड़ की कंपनी के MD तक का सफर
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एक बिजनेस परिवार में जन्म लेने के बाद भी उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1999 में बजाज इलेक्ट्रिकल्स में प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर के तौर पर की थी. हालांकि वे 1996 से ही बिजनेस जुड़ गए थे, लेकिन 1999 से उन्होंने इसकी औपचारिक शुरुआत की.
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1999 से 6 साल लंबे सफर के बाद साल 2005 में उन्हें जनरल मैनेजर (स्पेशल असाइंमेंट) नियुक्त किया गया और एक साल बाद एग्जीक्युटिव डायरेक्टर बनाया गया.
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2006 के 6 साल बाद 2012 में 1 जून को उन्हें मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर प्रमोट किया गया. उसके बाद उन्होंने आईओटी एनलेटिक्स आदि की शुरुआत की. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई फैसले किए, जिससे कंपनी को काफी फायदा हुआ.
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उनकी लीडरशिप में ही बजाज इलेक्ट्रिकल्स  प्रो-कबड्डी, बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ स्पोर्ट क्लाइमिंग का स्पोंसर भी रहा. साथ ही सरकार के स्मार्ट सिटी बनाने के प्रोजेक्ट में भी उनका योगदान रहा.
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अनंत ने बजाज इलेक्ट्रिकल्स को लेकर कई अहम कदम उठाए थे. इसके तहत उन्होंने हाईटेक उपकरण विकसित करने के वास्ते शोध और विकास सुविधाओं को स्थापित किया था. इसमें मुंबई में स्थापित एक डिजिटल सेंटर भी शामिल है, जहां रीयल टाइम मॉनिटरिंग होती है.
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