आइए बात करें 1960-70 के दशक की. उस दौर में भारत के दिग्गज स्पिन चौकड़ी
का हिस्सा रहे एस वेंकटराघवन ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी से ग्रेजुएशन
की पढ़ाई पूरी करके क्रिकेट में प्रवेश किया था. वह भारत के लिए 57 टेस्ट
और 15 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं. वर्ष 2003 में उन्हें
पद्मश्री से सम्मानित किया गया. अपने क्रिकेटिंग करियर के बाद, उन्होंने
अंपायर के रूप में भी काम किया. उन्होंने तीन विश्वकप 1996, 1999, और 2003
में भी रहे.