सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी, नेहरु ने सत्य, अहिंसा और बिना हथियारों की लड़ाई लड़ी. सत्याग्रह आंदोलन किए, लाठियां खाईं, कई बार जेल गए. वहीं दूसरी ओर गरम दल के नेता भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, विपिन चंद्र सान्याल जैसे सैकड़ों हजारों आजादी के मतवालों का बलिदान देश के काम आ रहा था. सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने विदेशों में जाकर लड़ाई लड़ी. तब जाकर अंग्रेज हमारा देश छोड़कर जाने पर मजबूर हो गए थे.
(फाइल फोटो: स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त 1947 के दिन जनता को संबोधित करते हुए जवाहर लाल नेहरू.)