क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि आखिर चिप्स के पैकेट में इतनी हवा क्यों भरी होती है. लेकिन इसका जवाब हमारे पास नहीं होता. और हमें लगता है कंपनियां अपने मुनाफे के लिए ऐसा करती हैं.
दरअसल कंपनियां पैकेट में मौजूद चिप्स को क्रिस्पी और लंबे समय तक ताज़ा बनाए रखने के लिए इन पैकेटों में नाइट्रोजन गैस भरती है. जो चिप्स को बेहतर बनाए रखती हैं. अगर आपने देखा हो तो हवा निकले हुए पैकेट की चिप्स अक्सर स्वाद में बासी मालूम होते हैं.
एक शोध के मुताबिक ज्यादा लंबाई वाले इयरफोन्स के आपस में उलझने के 50% चांस होते हैं. माना जाता है कि Y आकार वाले हेडफोन दूसरे की तुलना में ज़्यादा उलझे पाए जाते हैं.
गर्मी से परेशान होने के बाद जब बारिश हो तो हम अक्सर बारिश में भीगने निकल जाते हैं. और अगर वीकेंड पर हो रही हो तो मजा दोगुना हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा बारिश अक्सर वीकेंड पर ही क्यों होती है? इस सवाल के पीछे वैज्ञानिक कारण है.
दरअसल सप्ताह के दौरान ज़्यादा प्रदूषण फैलता है और कार्बन मोनो ऑक्साइड, ओज़ोन और आर्सेलन जैसे पदार्थ उत्सर्जित होते हैं. सूरज की रोशनी से ये प्रदूषित पदार्थ प्रतिविंबित होकर पानी में बदल जाते हैं. वीकेंड पर जब ट्रैफिक और प्रदूषण दूसरे दिनों की तुलना में कम होता है तो ये पानी के रूप में इकट्ठा होकर बारिश में रूप में बरसते हैं.
ऑफिस जाना हो या पार्टी में कपड़े अच्छे होने चाहिए. धुले और साफ कपड़ों से इंप्रेशन भी अच्छा पड़ता है. लेकिन अगर यहीं कपड़े प्रेस ना हो तो मुसीबत होती है. लेकिन क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि प्रेस करने के बाद कपड़े अकड़ क्यों जाते हैं?
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रेस के बाद कपड़े में मौजूद अणु सूख जाते हैं. जबकि अणु टूट जाने के चलते गीले कपड़े आसानी से मुड़ जाते हैं. इसी विज्ञान के कारण गीले कपड़ों पर प्रेस करना आसान होता है उसे आसानी से तय करके अलमारी में रखा जा सकता है.
मच्छर जितना परेशान करते है मक्खियां भी उतना ही करती हैं. मच्छर को तो हम मार सकते हैं लेकिन मक्खी को मारना हमारे बस की बात नहीं. पता है क्यों ? मक्खियों की आंखे मच्छर की तुलना में काफी अलग होती हैं. वो अपनी आंखों से तकरीबन 360 डिग्री में होने वाली गतिविधियों को देख सकती हैं.