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कौन हैं IAS राधा चौहान? जो सामने लाएंगी CBSE का पूरा 'सच', साधे PM को करेंगी र‍िपोर्ट

हर ओर इस समय CBSE और उसके ऑन स्क्रीन पोर्टल को लेकर चर्चा चल रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने CBSE के OSM सिस्टम की जांच के लिए समिति गठित की है. इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान करेंगी. बता दें कि राधा चौहान अभी कैपिसटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरमैन हैं और वह सीधे पीएम मोदी को रिपोर्ट करती हैं. 

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S Radha Chauhan
S Radha Chauhan

CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है. इस दौरान केंद्र सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन और सचिव को हटा दिया है और इस मामले में जांच के लिए समिति का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान करेंगी. शिक्षा के क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण सरकार ने उनपर भरोसा जताया है. वर्तमान में वह केंद्र सरकार के कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष हैं. इस कमेटी के पास जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों के अधिकारियों से भी मदद ली जा सकती है. वहीं, इसकी रिपोर्ट एक महीने के भीतर देने होगी. 

कौन हैं राधा चौहान? 

बता दें कि राधा चौहान 1988 बैच की यूपी कैडर की अधिकारी हैं. वह 30 जून 2025 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव पद से सेवानिवृत्त हुई थीं. उनके काम के तरीके और अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन का चेयरमैन नियुक्त किया था. राधा चौहान लॉ ग्रेजुएट हैं. उन्होंने आईएएस बनने के बाद कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली. 

नोएडा से भी है खास रिश्ता 

बता दें कि अपने लंबे करियर में राधा चौहान ने शिक्षा स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी विकास और कौशल विकास जैसे फील्ड में काम करने का अनुभव है. इसके अलावा उन्होंने गाजियाबाद की कमिश्नर, नोएडा अथॉरिटी की सीईओ, ग्रेटर नोएडा की डिप्टी सीईओ और बुलंदशहर, पीलीभीत,आगरा,मेरठ की एडिशनल कमिश्नर और DM के रूप में भी काम किया है. 2011 से 2015 तक मानव संसाधन मंत्रालय में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी फिर नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) की चेयरपर्सन और CEO के पद पर काम किया है. 

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OSM पर विवाद के बाद फैसला 

हाल ही में CBSE की OSM को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने  कई सवाल उठाए. कुछ छात्रों का मानना है कि इस सिस्टम की वजह से उन्हें बोर्ड परीक्षा में जितने नंबर मिलने चाहिए थे उतने नहीं मिले हैं. मामला ने इतना तूल पकड़ लिया कि केंद्र सरकार को हस्तशेप करना पड़ा. सरकार ने फैसला लेते हुए CBSE के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया और इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए एस राधा चौहान की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला लिया.

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