उत्तर प्रदेश में 41 हजार से ज्यादा होमगार्ड पदों के लिए चल रही भर्ती परीक्षा के आखिरी दिन 'सॉल्वर गैंग' और ठगों के बीच हड़कंप मच गया. योगी सरकार के नए 'एंटी-पेपर लीक' कानून के तहत लखनऊ और बरेली में ताबड़तोड़ एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस ने उन डिजिटल ठगों को भी घेरा है, जो सोशल मीडिया पर 100 फीसदी पेपर फंसाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों की जेब काट रहे थे.
यूट्यूब और टेलीग्राम के 'ठग' रडार पर
राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज थाने में पुलिस भर्ती बोर्ड ने एक बड़ी एफआईआर (मु0अ0सं0- 54/2026) दर्ज करवाई है. जांच में सामने आया कि यूट्यूब चैनल 'arjun with rojgar' और टेलीग्राम चैनल 'Up home guard paper' सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला रहे थे कि उनके पास असली पेपर है. इन चैनलों पर दावा किया जा रहा था कि परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत सवाल उनके बताए हुए ही आएंगे.
कानूनी हंटर: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 221, 292 और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4 व 13(2) के तहत केस दर्ज किया है. हुसैनगंज थाने में अब तक ऐसी 3 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं.
बायोमेट्रिक ने पकड़ी 'मुन्नाभाई' की चालाकी
बरेली में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया. साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज में एक परीक्षार्थी अनुराग (निवासी हरदोई) को पकड़ा गया है. यह 'मुन्नाभाई' दो अलग-अलग नामों से दो बार परीक्षा देने की फिराक में था.
ऐसे खुला राज: अनुराग 25 अप्रैल को दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज में परीक्षा दे चुका था. आज जब वह दूसरे केंद्र पर पहुंचा, तो बायोमेट्रिक मशीन और फोटो मिलान ने उसकी पोल खोल दी. नाम भले ही अलग था, पर रिकॉर्ड एक ही निकला. बरेली की कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
क्या है मामला?
यह परीक्षा उत्तर प्रदेश में 41,424 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती के लिए आयोजित की जा रही है. लंबे समय के बाद हो रही इस बड़ी भर्ती को लेकर युवाओं में भारी उत्साह है, जिसका फायदा उठाकर 'सॉल्वर गैंग' सक्रिय हो गए हैं.
कब हुई परीक्षा?
होमगार्ड भर्ती की यह लिखित परीक्षा तीन दिनों तक चली. इसकी शुरुआत 25 अप्रैल 2026 को हुई और आज 27 अप्रैल को इसका आखिरी दिन है. परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे.
कैसे पकड़ी जा रही धांधली?
योगी सरकार ने इस बार बायोमेट्रिक हाजिरी, फेशियल रिकग्निशन और लाइव सीसीटीवी सर्विलांस का इस्तेमाल किया है. यही कारण है कि अनुराग जैसे 'मुन्नाभाई' एक से ज्यादा बार परीक्षा देने की कोशिश में पकड़े जा रहे हैं. इसके अलावा, नए एंटी-पेपर लीक कानून के तहत सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सीधी एफआईआर की जा रही है.