संभल के पीएम श्री जालब सराय विद्यालय में शिक्षक के द्वारा छात्र छात्राओं को इस्लामी प्रार्थना करवाने और विद्यालय में धार्मिक और इस्लामिक गतिविधियां करवाने का मामला सामने आने के बाद विद्यालय के दो शिक्षक मोहम्मद गुल एजाज और अंजर अहमद को निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है. वहीं, शिक्षा अधिकारी के द्वारा दोनों मुस्लिम शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज भी कराया गया है. पूरा मामला सामने आने के बाद आज तक की टीम इस्लामी प्रार्थना की वायरल वीडियो का सच जानने के लिए पीएम श्री विद्यालय में पहुंची, जहां बच्चों ने बातचीत के दौरान खुद इस्लामी प्रार्थना सुनाया.
यह वही इस्लामी प्रार्थना है जिसको लेकर संभल का पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय पर यह पूरा विवाद शुरू हुआ है. हालांकि, स्कूल के बच्चे कमरे पर बोलने से बचते हुए नजर भी आए लेकिन एक क्लास रूम के बच्चों ने खुद खड़े होकर पूरी इस्लामी प्रार्थना को सुनाया है.
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में बवाल मच गया. वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए अंकित खंडेलवाल ने खंड शिक्षा अधिकारी से जांच कराई.
दिखाई देता है बड़ा षड्यंत्र
पीएम श्री विद्यालय में इस्लामी गतिविधियां संचालित करने के आरोप में निलंबित किए गए प्रधान अध्यापक अंजर अहमद से भी आज तक ने बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र दिखाई देता है क्योंकि हमारे विद्यालय की रेपुटेशन काफी अच्छी है, इसलिए स्कूल को बदनाम किया जा रहा है. जहां तक इस्लामी प्रार्थना करने का सवाल है तो यह जानबूझकर किसी के द्वारा कराया गया है क्योंकि उसमें किसी भी स्टाफ का कोई फोटो वीडियो नहीं है.
जिस समय यह मामला हुआ है उसे समय मैं छुट्टी पर था. वहीं, हिंदू बच्चियों को हिजाब पहन वाले और हिंदू छात्रों को टोपी लगवाने को लेकर कहा कि आप किसी से भी इस बारे में जानकारी ले सकते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है जिस तरह के आरोप मुझ पर लगाए गए हैं उस पर हम अपनी पूरी बात डीएम के सामने रखेंगे.
जालब सराय पीएम श्री विद्यालय में दोनों शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाध्यापक को सस्पेंड करने के बाद बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को सही तरह से चलाने के लिए दूसरे विद्यालय से दो शिक्षकों को वहां पर भेजा गया लेकिन जब उनसे विद्यालय में होने वाली प्रार्थना को लेकर बातचीत की गई तो वह अलग-अलग प्रार्थना होने की जानकारी देते हुए तो नजर आए लेकिन जब उनसे प्रार्थना की लाइन के बारे में पूछा गया तो वह खुद इधर-उधर भागने लगे और प्रार्थना के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके.
जांच के आदेश
इसके अलावा जिलाधिकारी ने पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए आदेश दिए हैं. वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन एक्शन में आते हुए मामले की जांच शुरू कर दी. लेकिन जांच के दौरान स्कूल में बच्चों से इस्लामिक प्रार्थनाएं कराई जा रही थी और दूसरे धर्मों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की जाती थीं.