रेलवे ग्रुप D भर्ती परीक्षा में नकल के बड़े रैकेट का भांडाफोड़ हुआ है. लिखित परीक्षा में स्टाफ के जरिए नकल कराने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को STF मेरठ ने गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है. परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही व्हॉट्सऐप पर आंसर आ जाते थे जिसे देखकर उम्मीदवार परीक्षा देते थे. नकल कराने वाले गिरोह में परीक्षा कराने वाली कंपनी से लेकर एग्जाम सेंटर पर ड्यूटी कर रहे कई लोग शामिल थे.
STF ने आशीष कुमार, विपिन, रूपक, प्रदीप पंवार, सचिन, मलिक और नेत्रपाल को गिरफ्तार किया है. SSP बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि दुहाई में स्थित आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित RRB Group D की ऑनलाइन परीक्षा में पैसे लेकर नकल कराने की सूचना मिली थी. सूचना मिलने पर 2 टीमें एग्जाम सेंटर पर पहुंचीं और एग्जाम सेंटर से ही 4 लोगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पता चला कि एक साथी सचिन सेंटर के अंद है जो स्टाफ का आदमी है. इसके बाद मामले की पूरी जांच की गई.
पूछताछ के दौरान, एक आरोपी मलिक ने अपराध कबूल कर लिया और बताया कि प्रदीप और उसे दो अन्य लोगों से उनके व्हाट्सएप नंबर पर परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले ही आंसर मिले. इसके बाद उन्होंने इसे विपिन और रूपक को भेज दिया, जिन्होंने हॉल के अंदर उम्मीदवारों को प्रत्येक को 50,000 रुपये में आंसर उपलब्ध कराए. एसटीएफ ने कहा कि संबंधित IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.