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कोटा में तैयारी कर रहे बच्चों का रिकार्ड रखेगी सरकार, बनेगा 2 लाख विद्यार्थियों का डेटाबेस

वर्तमान में कोटा शहर में लगभग 50 छोटे और 10 बडे़ कोचिंग संस्थान है, जहां लगभग 2 लाख विद्यार्थी इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. यहां लगभग 25 हजार पेइंग गेस्ट सुविधाएं, 3 हजार हॉस्टल तथा 1800 मेस चल रहे हैं.

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Kota Students (File Photo)
Kota Students (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 68 लाख रुपये है
  • 2 लाख से अधिक छात्रों का डेटाबेस तैयार होगा

देशभर में कोचिंग हब के रूप में विख्यात कोटा शहर में इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का एक ऑनलाइन रजिस्टर तैयार किया जाएगा. राजस्‍थान सरकार ने इस प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. स्टूडेंट रजिस्टर बनाने का काम राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (RISL) द्वारा किया जाएगा. प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 68 लाख रुपये है.

इस फैसले के बाद कोटा शहर में कोचिंग कर रहे लगभग दो लाख छात्रों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि राज्य सरकार के पास प्रदेश में रह रहे इन प्रवासियों की सही संख्या तथा पर्सनल डिटेल्‍स का रिकॉर्ड उपलब्ध हो. विद्यार्थियों का विवरण उपलब्ध होने पर Covid-19 संक्रमण जैसी परिस्थितियों में प्रवासी छात्रों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रबंधन करना आसान हो सकेगा. इसी तरह के स्टूडेंट रजिस्टर प्रदेश के कोचिंग संस्थानों वाले अन्य शहरों के लिए भी तैयार किए जाएंगे.

वर्तमान में कोटा शहर में लगभग 50 छोटे और 10 बडे़ कोचिंग संस्थान है, जहां लगभग 2 लाख विद्यार्थी इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. यहां लगभग 25 हजार पेइंग गेस्ट सुविधाएं, 3 हजार हॉस्टल तथा 1800 मेस चल रहे हैं. कोटा में कोचिंग व्यवसाय का सालाना कारोबार 3 हजार करोड़ से ज्‍यादा का है.

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