लखनऊ यूनिवर्सिटी (LU) में MBA स्टूडेंट्स को 'अयोध्या का पाठ' पढ़ाया जाएगा. एलयू के व्यापार विभाग में एमबीए कोर्स में 'अयोध्या के परिवर्तन' टॉपिक भी पढ़ाया जाएगा. इसके माध्यम से एमबीए स्टूडेंट्स मैनेजमेंट के लिहाज से अयोध्या के वास्तविक समय परिवर्तन को पढ़ेंगे. इसे अगले सत्र से चौथे सेमेस्टर में 'इनोवेशन एंड डिजाइन थिंकिंग' में चार क्रेडिट का यह टॉपिक पढ़ाया जाएगा.
एमबीए में क्यों जोड़ा गया 'अयोध्या का पाठ'?
दरअसल, अयोध्या को दुनिया के सबसे बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां होटल, ट्रैवल्स समेत कई सेक्टर में व्यापार की अपार संभावनाएं देखी जा रही हैं. ऐसे में बड़ी कंपनियां भी अयोध्या में निवेश का रास्ता तलाश ही लेंगी. तब उन्हें एमबीए पासआउट स्टूडेंट्स की जरूरत पड़ेगी, जो अयोध्या को बेहतर तरीके से जानते-समझते हों. इन संभावनाओं से जाहिर है कि लखनऊ यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाले स्टूडेंट्स की डिमांड बढ़ सकती है.
कैसे होगी पढ़ाई?
एक रिपोर्ट के अनुसार, 'अयोध्या के परिवर्तन' टॉपिक में स्टूडेंट्स को अयोध्या को अच्छे से समझने का मौका मिलेगा. इसमें अयोध्या के लोगों से बात करने और प्रक्रिया का विश्लेषण करने के लिए इंटर्नशिप, परियोजनाओं और क्षेत्र अध्ययन को भी शामिल किया जाएगा. इसका मकसद एक प्राचीन शहर से एक अधुनिक तीर्थ स्थल में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन करना है. इसके अलावा व्यवस्था परिवर्तन और विकास होने से वहां किस तरह के जॉब और बिजनेस में संभावनाएं बढ़ने को समझा जाएगा.
बता दें कि 22 जनवरी को दोपहर लगभग 12.30 बजे रामलला राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त है. इससे पहले अनुष्ठान की शुरुआत मंगलवार से हुई है, जो 21 जनवरी तक चलने वाली है. सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में सरयू नदी के तट पर 'यजमान' (मुख्य यजमान) के जरिये कलश पूजन हुआ.