उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में भारत के सभी नामी-गिरामी बोर्डिंग स्कूल का एक अफेयर एक्जिबिशन लगाया गया है. यहां पर जितने भी इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल हैं जो पूरी तरीके से बोर्डिंग स्कूल से ताल्लुक रखते हैं, उन स्कूलों ने अपना अपना स्टॉल लगाकर एग्जीबिशन में पार्टिसिपेट किया है. पेरेंट्स ने भी अपने बच्चों के आने वाले भविष्य की चिंता को लेकर उस एग्जीबिशन में पार्टिसिपेट कर सेमिनार को अटेंड किया.
पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ एग्जिबिशन में स्टॉल लगाकर भारत के दूरदराज राज्यों से आए मशहूर स्कूलों के स्टाल पर जाकर पढ़ाई संबंधित सभी समस्याओं का समाधान लेते हुए दिखाई पड़े ताकि वह अपने पसंद के स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करा सकें. एग्जिबिशन में नैनीताल स्थित जीडी गोयनका स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर आकर्ष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जो यह एग्जीबिशन लगा है, यह सिर्फ रेजिडेंशियल स्कूल ही नहीं है बल्कि यहां पर बच्चों की पूरी लाइफ को एक शेप देने के लिए कार्यक्रम किया जाता हैं. इसमें बच्चों की पढ़ाई से लेकर स्पोर्ट्स और कोरीकुलम डेवलपमेंट से संबंधित सभी चीजें इसी में कवर होती हैं.
साथ ही बच्चों को टेक्नोलॉजी की चीजें बताई जाती हैं और उनको टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रमोट भी किया जाता है. इसके पीछे की वजह बताते हुए कहते हैं कि आने वाला समय टेक्नोलॉजी का है और सारी चीजें मेल और रिसर्च ऑफ डेवलपमेंट का है. अब न्यू एजुकेशन पॉलिसी इसी पर फोकस करती है. यह सभी चीजें बच्चों को एक कैंपस के अंदर प्रभावित हो जाती हैं. आकर्ष अग्रवाल बताते हैं कि जो यह एग्जीबिशन लगा है. इसमें भारत के जितने भी सबसे अच्छे बोर्डिंग स्कूल हैं, उन्होंने पार्टिसिपेट किया है.
चाहे वह देहरादून का स्कूल हो, नोएडा का स्कूल हो, दिल्ली हो या फिर नैनीताल का सभी जगहों से अच्छे बोर्डिंग वाले स्कूलों ने पार्टिसिपेट किया है. एग्जीबिशन में पेरेंट्स को बताया जाता है कि उनके बच्चे के लिए क्या अच्छा हो सकता है. साथ ही कुछ पेरेंट्स की मांग होती है कि वो अपने बच्चों को ऐसा एनवायरनमेंट दें जो प्रदूषणरहित हो, किसी-किसी पेरेंट्स की मांग होती है कि उनका बच्चा ज्यादा वीडियो गेम खेल रहा है और टीवी देख रहा है तो उसको कैसे दूर रखा जाए तो ऐसे में पेरेंट्स अपने बच्चों को एक अच्छे सोसाइटी के पढ़ने वाले बच्चों के साथ पढ़ाना चाहते हैं तो यहां पर अलग-अलग प्लेटफार्म के स्कूल है. पेरेंट्स आकर अपनी चॉइस कर सकते हैं.