IIT गुवाहाटी की प्रोफेसर चारु मोंगा ने ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए एक खास सोलर लाइट बैकपैक तैयार किया है जिससे वे अंधेरे में भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. खास बात ये है कि यह बैकपैक्स पूरी तरह वाटरप्रूफ हैं और रिसाइकल्ड प्लास्टिक से बने हैं. चारु ने इन्हें 'जुगनू' नाम दिया है. शिक्षामंत्री ने ट्वीट कर प्रोफेसर चारु को इस इनोवेशन के लिए बधाई दी है.
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'जुगनू' बैकपैक्स हैंड्स फ्री हैं और इनमें लगी सोलर लाइट दिन के प्रकाश में चार्ज हो जाती है. चारू के अनुसार, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों को इसे चार्ज करने, या स्कूल अथवा घर पर भूलने की चिंता नहीं करनी होगी. प्रत्येक बैकपैक में एक लैब किट भी लगी है जिसका उपयोग बच्चे अपने स्वयं के आविष्कारों के लिए कर सकते हैं."
इसके अलावा, चारु ने कम्यूनिटी इनोवेशन हब भी स्थापित किए हुए हैं जहां VR हेडसेट जैसे उपकरण उपलब्ध हैं. इनका उद्देश्य लोगों को टेक्नोलॉजी की तरफ ले जाना और इनोवेशन के लिए प्रेरित करना है. चारु ने कहा कि बच्चे खुद अपनी कई समस्याओं के बेहतरीन समाधान सुझाते हैं जैसे सौर ऊर्जा से चलने वाली नावें और उजाले के लिए सोलर लाइटें.
.@IITGuwahati professor Charu Monga has designed over 200 backpacks with solar lights to help kids in villages study. These waterproof backpacks are called Jugnu, & were made using recycled plastic. pic.twitter.com/yxQwHIEBHs
— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) January 8, 2021
इस प्रयास के माध्यम से चारू ने 2,500 से अधिक छात्रों के लिए साइंस, डिजाइन और इनोवेशन वर्कशॉप आयोजित की हैं और सात जिलों के 20 स्कूलों में 200 से अधिक जुगनू बैकपैक वितरित किए हैं.