Gandhinagar Protest: गुजरात के गांधीनगर में सरकार से नाराज युवा सड़कों पर उतरने का मन बना चुके हैं. इनकी मांग है कि स्थायी शिक्षकों की भर्ती की जाए, जिसके लिए गुजरात के अलग-अलग जिलों से 500 से भी ज्यादा युवा आंदोलन करने आए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें पहले ही पकड़ लिया. गांधीनगर पुलिस ने सभी को रोकने की कोशिश की और कुछ शिक्षकों को हिरासत में भी लिया है. युवाओं का कहना है कि सरकार ने चुनावों से पहले भर्ती का वादा किया था जो कि अभी तक पूरा नहीं किया गया है, हम सरकार को वही याद दिलाने आए हैं.
शिक्षित बेरोजगार गुजरात सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. टीईटी परीक्षा पास कर चुके गुजरात के युवा शिक्षकों की स्थायी भर्ती की मांग के साथ गांधीनगर स्थित सचिवालय इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने वाले थे. लेकिन युवाओं के पास विरोध करने परमिशन नहीं थी, जिस वजह से पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके ले गई. गांधीनगर में सचिवालय की तरफ जाने वाली रोड पर बेरिकेटिंग लगा दिए गए थे और विरोध प्रदर्शन के लिए आने वाले युवाओं को पुलिस हिरासत में ले रही थी. इसके अलावा पुलिस ने युवाओं के सेलफोन की जांच भी की है.
विरोध करने पहुंचे युवाओं ने कही ये बात
पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार का विरोध नहीं करने देने पर युवाओं में काफी आक्रोश भी दिखा. कई युवा खुद को पुलिस की नजरों से बचाकर आसपास की सोसायटियों में घूमते रहे और जैसे ही विरोध के लिए बाहर आए वैसे ही पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया. aajtak.in से बातचीत के दौरान युवाओं ने कहा कि, चुनाव से पहले गुजरात के शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर ने चुनाव के बाद तुरंत स्थायी शिक्षकों की भर्ती का ऐलान करने का वादा किया था. सरकार अपना वादा भूल गई है. हम सरकार तक अपनी बात पहुंचाने और उनका वादा याद दिलाने आए हैं तो पुलिस हमें रोक रही है.
300 किलोमीटर दूर से शिक्षा मंत्री से बात करने आए युवा
युवाओं ने कहा, हम शिक्षित बेरोजगार हैं. लंबे समय से सरकार विद्या सहायकों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था चला रही है. स्थायी शिक्षकों की भर्ती का वादा किया जाता है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही. टीईटी जैसी योग्यता होने के बावजूद भर्ती नहीं निकलने से सभी परेशान हैं. समय के साथ उमर भी बीतती जा रही है. सरकार नौकरी दे नहीं पा रही है लेकिन हमारे विरोध करने के अधिकार को भी दबाया जा रहा है. 300 किलोमीटर की दूरी से अपनी बात और शिक्षामंत्री का वादा सरकार को याद दिलाने आये हैं लेकिन बस से उतरते ही हमें हिरासत में लिया जा रहा है. पुलिस की इस कार्यवाही पर सरकार अब तक मौन है और सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.