केंद्र सरकार की 'रीढ़' कही जाने वाली केंद्रीय सचिवालय सेवा 'सीएसएस'(CSS) के हजारों अधिकारियों ने सोमवार दोपहर 1 बजे नॉर्थ ब्लॉक के गेट नंबर 8 पर शांति पूर्वक एकत्र होकर प्रदर्शन किया. केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन 'सीएसएस फोरम' का कहना है कि हमारे सदस्य पदोन्नति में पिछड़ रहे हैं.
अधिकारियों ने कहा कि अंडर सेक्रेटरी को डिप्टी सेक्रेटरी के पद तक पहुंचने में 13 साल लग रहे हैं. मौजूदा समय में लगभग 1200 अंडर सेक्रेटरी ऐसे हैं, जो डिप्टी सेक्रेटरी बनने की सभी योग्यताएं पूरी करते हैं. ये अधिकारी लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, लगभग 100 डिप्टी सेक्रेटरी ऐसे हैं, जिन्होंने डायरेक्टर बनने के सभी पड़ाव पार कर लिए हैं, मगर ये सभी अधिकारी एक ही पद पर काम करने को मजबूर हैं.
यहां प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से कैडर समीक्षा रिपोर्ट लंबित है. केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों ने सीएसएस कैडर के तहत 2200 से ज्यादा, अतिरिक्त पदों की जरुरत बताई है. इनमें एएसओ, एसओ, अंडर सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर के पद शामिल हैं. कैडर रिव्यू के अलावा समयबद्ध प्रमोशन, एनएफयू, प्रतिनियुक्ति पर पाबंदी और सीएसएस डे, जैसे कई मुद्दे पिछले 10 वर्षों से लंबित पड़े हैं.
इन्हीं मांगों को लेकर आज बड़े स्तर पर सभी कर्मचारियों ने शान्ति पूर्वक इकठ्ठा होकर सरकार से जल्द से जल्द मांग को मानने की गुजारिश की. यह प्रदर्शन बिना नारेबाजी आदि के शांतिपूर्वक तरीके से किया गया. हर मोर्चे पर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले लगभग 12000 सीएसएस अधिकारी प्रमोशन की मांगों को लेकर चिंतित हैं.
पीएमओ के निर्देशन में, अनेक नई योजनाएं तैयार हो रही हैं. उन्हें जमीन पर उतारने की रणनीति तैयार करना और उनके मूल्यांकन जैसा अहम कार्य, सीएसएस के अधिकारी करते हैं. सीएसएस अधिकारियों की मांग है कि केंद्र सरकार में इस तालमेल और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की रफ्तार में कोई कमी न आए, इसके लिए सीएसएस कैडर रिव्यू रिपोर्ट को जारी कर उसकी सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू किया जाए.