Edmund Fitzgerald Sinking: आज ही के दिन 10 नवंबर 1975 को, एडमंड फिट्जगेराल्ड मालवाहक जहाज का सामना कनाडा की सुपीरियर झील पर एक भयंकर तूफान से हुआ. इस तूफान ने बड़ी बेरहमी से सभी 29 सवारों के साथ जहाज को पानी में डुबो दिया.
जहाज के मलबे को जल्द ही कनाडाई गीतकार गॉर्डन लाइटफुट ने अपने हॉरर सॉन्ग 'द व्रेक ऑफ द एडमंड फिट्जगेराल्ड' से मशहूर कर दिया. यह गाना जहाज के डूबने के एक साल बाद रिलीज़ किया गया था. इस गाने में, 'नवंबर की चुड़ैल' को इस आपदा को दोषी ठहराया गया था.
क्या है नवंबर की चुड़ैल?
नवंबर की चुड़ैल या Witch of November एक अर्बन लेजेंड है. किसी भी अन्य महीने की तुलना में, नवंबर में ग्रेट लेक्स पर सबसे अधिक जहाज खोए हैं. फ्रीज-अप से पहले की आखिरी सेल और बर्फ़ीले तूफ़ान का मौसम कई जहाजों का काल बन चुका है. नवंबर के छोटे दिनों और लंबी अंधेरी रातों ने बहुत से जहाजों को भटकाया है. सवारों के साहस को कम किया है और बहुत से नाविकों के जीवन को छीन लिया है.
कैसे डूबा Edmund जहाज
729 फुट के मालवाहक Edmund जहाज ने 09 नवंबर को 26,000 टन मिनेसोटा-निर्मित टैकोनाइट लौह अयस्क के छर्रों के लोड के साथ सुपीरियर लेक पर अपना सफर शुरू किया. इसके साथ ही एक विशाल तूफान ने इस क्षेत्र को घेर लिया. 10 नवंबर को जहाज डेट्रायट के पास Zug द्वीप में था, जहां उसका सामना 'नवंबर की चुड़ैल' से हुआ.
जहाज के कप्तान अर्नेस्ट एम. मैकसोरेली ने एक अन्य जहाज, अवाफोर के साथ रेडियो संपर्क बनाया और रिपोर्ट किया कि फिट्ज बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है, दोनों रडार खो चुके थे, और एक ओर से ज्यादा भारी होकर डूब रहा है. उत्तर पश्चिमी हवाएं उस समय 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं.
शाम करीब 4 बजे लगभग 75-नॉट (86 मील प्रति घंटे) का तूफान जहाज से टकरा गया. अवाफोर जहाज ने फ़िट्ज़ की मदद करने के लिए अपनी दिशा बदली, लेकिन फिट्ज की रोशनी बर्फ़बारी में फीकी पड़ गई और फिर कुछ मिनट बाद जहाज रडार स्क्रीन से गायब हो गया. जहाज का मलबा व्हाईटफिश प्वाइंट के बाहर सिर्फ 17 मील की दूरी पर शांत पानी में सतह से 530 फीट नीचे दो टुकड़ों में मिला.
दुर्घटना में मरने वालों की उम्र 21 से 63 वर्ष के बीच थी और वे सात राज्यों से आते थे. पीड़ितों के लिए डेट्रॉइट में मैरीटाइम चर्च में चर्च की घंटी बजती थी. उन्हें व्हाइटफिश पॉइंट पर भी याद किया जाता है, जहां उनके परिवार के लोग और दोस्त हर साल सालगिरह पर इकट्ठा होते हैं.