प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी रूस में हैं. रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पीएम मोदी का स्वागत करते हुए नजर आए. पीएम मोदी अपनी यात्रा के दौरान पुतिन के घर भी गए, जहां दोनों के बीच बातचीत हुई. चाय पर चर्चा के साथ पुतिन ने पीएम मोदी को अपना घर भी घुमाया. इस दौरान पुतिन खुद गाड़ी चला रहे थे और पीएम मोदी को घर घुमा रहे थे. रूस से आईं तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुतिन का घर काफी लग्जरी है और काफी बड़ा भी है. ऐसे में आज आपको बताते हैं कि जहां पीएम मोदी की पुतिन से मुलाकात हुई थी, वो घर कितना खास है...
क्या है पुतिन के घर का नाम?
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घर का नाम नोवो-उगार्योवो (Novo-Ogarevo) है. ये रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक सबअर्बन रेजिडेंस है, जो मॉस्को शहर से कुछ दूर एक जंगल में नदी के किनारे पर है. ये मॉस्को के पास Rublyovo-Uspenskoye Highway पर बना है. हालांकि, कहा जाता है कि पुतिन ज्यादा वक्त यहां ही रहते हैं, ऐसे में इसे ही पुतिन का घर माना जाता है. कोविड के दौरान भी पुतिन यहां ही आइसोलेटेड थे.
साथ ही पुतिन विदेशी मेहमानों से भी अक्सर यहां ही मुलाकात करते हैं. इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक रेजिडेंस क्रेमलिन है, जो मॉस्को में ही है. बता दें कि नोवो-उगार्योवो आधिकारिक फंक्शन, विदेशी मेहमान से मुलाकात, किसी कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

इस घर में क्या है खास?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे 1950 में बनाया गया था, जो सोवियत संघ के दिग्गज नेता Georgy Malenkov के कहने पर बनाया गया था और इसे उनकी बेटी ने ही डिजाइन किया था. फिर साल 1991 में सरकारी रेजिडेंसी के रुप में रिजर्व कर दिया गया और पुतिन ने साल 2000 में रिनोवेट करवाया और 2000 में इसे प्राइवेट रेजिडेंस मान लिया.

आप तस्वीरों से अंदाजा लगा सकते हैं कि ये काफी लग्जरी है और विशेष कलाकारी के साथ इसे बनाया गया है. इसके चारों तरफ 6 मीटर ऊंची दीवार है. साथ ही ये किसी महल से कम नहीं है. महल में ही एक खास बंकर है और राष्ट्रपति को किसी भी विपरीत परिस्थिति में यहां छुपा दिया जाता है. साथ ही यहां से पुतिन के लिए एक खास रेलवे नेटवर्क भी है, जो इसे अपनी दूसरे रेजिडेंस से जोड़ता है. ये ट्रेन काफी सिक्योरिटी वाली ट्रेन है और इसका इस्तेमाल पुतिन की ओर से ही किया जाता है.
वैसे ही क्रेमलिन का 12वीं शताब्दी का एक समृद्ध इतिहास है और यह रूसी राजनीतिक शक्ति और विरासत का प्रतीक है. क्रेमलिन का इस्तेमाल स्टेट इवेंट, आधिकारिक बैठक और प्रशासनिक कामों के लिए होता है. वहीं, इसे राष्ट्रपति के लिए एक निजी विश्राम स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.