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IAS परीक्षा के फॉर्म निकले... जनरल, SC-ST उम्मीदवार कितनी बार दे सकते हैं एग्जाम?

हर साल लाखों युवा देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा IAS (Indian Administrative Service) में जाने का सपना देखते हैं. लेकिन इसके लिए उनका सबसे पहला सवाल यहीं होता है कि आखिर IAS का फॉर्म कितनी बार भरा जा सकता है?

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UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का सबसे बड़ा सवाल ये है कि वह कितनी बार फॉर्म भर सकते हैं? (Photo: Pexels)
UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का सबसे बड़ा सवाल ये है कि वह कितनी बार फॉर्म भर सकते हैं? (Photo: Pexels)

सरकारी नौकरी ज्यादातर युवाओं का सपना होता है. वहीं, कई उम्मीदवार IAS भी बनना चाहते हैं जिसके लिए उन्हें कड़ी मेहनत करना होता है. लेकिन कई बार कम जानकारियों की वजह से युवा इस फील्ड में आगे नहीं बढ़ पाते हैं. UPSC से जुड़ा एक अहम सवाल हर युवा के मन में होता है, जो इस परीक्षा की तैयारी की योजना बना रहे हैं और वह ये है कि आखिर कितनी बार उम्मीदवार IAS का फॉर्म भर सकते हैं?

ऐसे में अगर आप भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो प्रयासों की संख्या, उम्र सीमा और नियमों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है. 

मिलते हैं इतने प्रयास 

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है. UPSC ने अलग-अलग वर्गों के लिए प्रयासों की सीमा तय की है. सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करने के लिए 6 प्रयास कर सकते हैं और उनकी उम्र 32 साल की होनी चाहिए. हालांकि, UPSC आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को प्रयासों की संख्या में छूट देता है. OBC और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ये 9 बार है जिसके लिए उम्र 35 साल निर्धारित की गई है. वहीं, ST और SC उम्मीदवारों के लिए कोई सीमा नहीं तय की गई है. 

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upsc

आवेदन के लिए होना चाहिए ये योग्यता 

IAS फॉर्म भरने के लिए उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना जरूरी है. इसके साथ ही वह मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए. 

कब नहीं भर सकते IAS का फॉर्म?

उम्मीदवार IAS का फॉर्म तब नहीं भर सकते हैं जब उनकी उम्र सीमा अधिक हो चुकी हो. या उसके प्रयास पूरे हो चुके हों. 

नियमों में हुआ बदलाव 

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) नियमों में बड़ा बदलाव लेकर आया है. जारी नई गाइडलाइन्स में कहा गया है कि पहले से सेलेक्टेड उम्मीदवार बार-बार एग्जाम नहीं दे पाएंगे.  एलिजिबिलिटी से जुड़े निर्देश में कहा गया है कि पहले से ही IAS या IFS अधिकारी के रूप में नियुक्त या चुने गए उम्मीदवारों को दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा. अगर वह दूसरा मौका चाहते हैं, तो उन्हें अपने मौजूदा पद से इस्तीफा देना होगा. 

 

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