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आज ही के दिन कैन में बंद बीयर की हुई थी शुरुआत, यहां के लोगों ने चखा था स्वाद

आज का दिन बीयर के उत्पादन में एक नई क्रांति लेकर आया. क्योंकि, 24 जनवरी को ही पहली बार लोगों ने कैनबंद बीयर का स्वाद चखा और इसे काफी सराहना मिली.

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आज पहली बार कैन में बंद बीयर का लोगों ने स्वाद चखा था (Photo - Pixabay)
आज पहली बार कैन में बंद बीयर का लोगों ने स्वाद चखा था (Photo - Pixabay)

कैन में बंद बीयर की शुरुआत 24 जनवरी 1935 को हुई थी. जब पहली बार लोगों ने कैन में बंद बीयर का स्वाद चखा था.   गॉटफ्रीड क्रूगर ब्रूइंग कंपनी ने अमेरिकन कैन कंपनी के साथ साझेदारी कर कैन बीयर को बाजार में उतारा था. वर्जीनिया के रिचमंड में क्रूगर के वफादार ग्राहकों को क्रूगर की फाइनेस्ट बीयर और क्रूगर की क्रीम एले के 2,000 कैन बांटे गए थे.  91 प्रतिशत ग्राहकों ने कैन में बंद बीयर को पसंद किया, जिससे क्रूगर ने आगे उत्पादन को मंजूरी दे दी और ऐसे कैन बीयर की शुरुआत हुई.

19वीं सदी के आखिर तक, टीनबंद डिब्बे खाने-पीने की चीजों के बड़े पैमाने पर डिस्ट्रीब्यूशन में बहुत काम आते थे. तब 1909 में एक अमेरिकन कैन कंपनी ने बीयर को कैन में बंदकर इसके ड्रिस्ट्रीब्यूशन का प्रयास किया, लेकिन यह तरीका सफल नहीं हो सका. इसके बाद कंपनी को अमेरिका में शराबबंदी समाप्त होने तक इंतजार करना पड़ा.

 अंततः 1933 में दो वर्षों के शोध के बाद, अमेरिकन कैन ने एक ऐसा दबावयुक्त डिब्बा विकसित किया जिस पर एक विशेष परत चढ़ाई गई थी, ताकि बीयर के बुलबुले टिन के साथ रासायनिक रूप से प्रतिक्रिया न करें. डिब्बाबंद बीयर का विचार शुरू में काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, लेकिन क्रूगर ने अपनी शुरुआती झिझक को दूर करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका में डिब्बाबंद बीयर बेचने वाली पहली शराब निर्माता कंपनी बन गई.

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 हिस्ट्री चैनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. तीन महीनों के भीतर, 80 प्रतिशत से अधिक वितरक क्रूगर की डिब्बाबंद बीयर बेच रहे थे और क्रूगर ने तीन प्रमुख राष्ट्रीय शराब निर्माताओं - एनहेउसर-बुश, पैब्स्ट और श्लिट्ज - के बाजार हिस्से पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया. प्रतिस्पर्धियों ने भी जल्द ही इसका अनुसरण किया, और 1935 के अंत तक, 20 करोड़ से अधिक डिब्बे उत्पादित और बेचे जा चुके थे.

कैन का इस्तेमाल और इसे ठंडा करना काफी आसान था
बोतलों के विपरीत, डिब्बों की खरीद पर उपभोक्ता को कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ता था. डिब्बों का ढेर आसानी से लगाया जा सकता था. ये अधिक टिकाऊ थे और उन्हें ठंडा करने में कम समय लगता था. परिणामस्वरूप, 1930 के दशक में इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसमें जबरदस्त उछाल आया, जब अमेरिकी शराब निर्माताओं ने विदेशों में तैनात सैनिकों को लाखों डिब्बे बीयर भेजीं.

 युद्ध के बाद, राष्ट्रीय शराब कंपनियों ने कैनबंद बीयर के व्यापक वितरण का लाभ उठाना शुरू कर दिया और कभी प्रभुत्वशाली रहे स्थानीय शराब निर्माताओं पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली, जो अपने राष्ट्रीय समकक्षों की तरह कोस्ट और ऑपरेशन को कुशलतापूर्वक नियंत्रित नहीं कर सकते थे.

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आज, कैनबंद बीयर का हिस्सा अमेरिका के 45 अरब डॉलर के बीयर उद्योग का लगभग 60 प्रतिशत है. यह सारा हिस्सा बड़े राष्ट्रीय शराब निर्माताओं से नहीं आता. हाल ही में, छोटे शराब निर्माताओं और उच्च श्रेणी के बीयर विक्रेताओं ने भी डिब्बाबंद बीयर में रुचि दिखाई है, क्योंकि वे समझ रहे हैं कि डिब्बे प्रकाश से होने वाले नुकसान और ऑक्सीकरण को रोककर शुद्धता और स्वाद की गारंटी देते हैं.

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