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इतिहास

स्‍कूल टीचर से यूपी की 4 बार CM बननेे तक, जानिए बसपा सुप्रीमो के बारे में ये खास बातें

बसपा सुप्रीमो मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती का आज 65वां जन्‍मदिन है. देश के सबसे ज्‍यादा जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती का जन्म 15 जनवरी, 1956 को दिल्ली में हुआ था. आइए जानते हैं उनकी एजुकेशन प्रोफाइल के बारे में...

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मायावती का संबंध गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव बादलपुर से है. इनके पिता प्रभु दास, गौतम बुद्ध नगर के ही डाक विभाग में कार्यरत थे. 

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दलित और आर्थिक दृष्टि से पिछड़े परिवार से संबंधित होने के बावजूद इनके अभिभावकों ने अपने बच्चों की पढ़ाई को जारी रखा. मायावती ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से कला माध्यम से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि की परीक्षा और वीएमएलजी कॉलेज, गाजियाबाद (मेरठ यूनिवर्सिटी) से शिक्षा स्नातक की उपाधि प्राप्त की.

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कुछ वर्षों तक वह दिल्ली में जेजे कॉलोनी के एक स्कूल में शिक्षण कार्य भी करती रहीं. वो टीचिंग के साथ साथ यूपीएससी की तैयारी भी कर रही थीं. उनका ख्‍वाब आईएएस बनना था. 

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साल 1977 में दलित नेता कांशीराम से मिलने के बाद मायावती ने पूर्णकालिक राजनीति में आने का निश्चय कर लिया. कांशीराम के नेतृत्व के अंतर्गत वह उनकी कोर टीम का हिस्सा रहीं, जब सन् 1984 में उन्होंने बसपा की स्थापना की थी. 

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वर्ष 2006 में कांशीराम के निधन के बाद मायावती बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष बन गईं. भारतीय समाज में यह धारणा व्याप्त है कि किसी महिला की पहचान उसके पति से ही होती है, मायावती ने इस कथन को आधारहीन साबित क‍िया.

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उनके एजुकेशन की बात करें तो मायावती ने 1975 में कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी किया. इससे पहले उन्‍होंने 1976 में मेरठ विश्वविद्यालय के VMLG कॉलेज, गाजियाबाद से बीएड की डिग्री भी ली. 

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मायावती की जीवनी के लेखक अजय बोस ने लिखा है कि उस दौरान जब मायावती यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं. तभी कांशीराम उनसे मिले. उन्‍होंने तब मायावती से कहा कि तुम इतनी बड़ी नेता बन सकती हो कि तुम्हारे आदेश के लिए एक नहीं बल्कि IAS अधिकारियों की पूरी लाइन लगेगी.