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IIT जाने से पहले पूरी कर लें ये शर्तें, वरना नहीं दें पाएंगे परीक्षा, क्या आप भी कर रहे हैं गलती? 

IIT में एडमिशन लेने के लिए अच्छी रैंक के साथ JEE एडवांस्ड की परीक्षा पास करना भी बहुत अहम है. लेकिन JEE एडवांस्ड पेपर में बैठने के लिए कुछ शर्तें हैं जिन्हें पूरा करना जरूरी होता है. इसके बिना आईआईटी में एडमिशन नहीं मिल सकता है. 

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JEE Advanced 2026 Eligibility (Photo : Pexels)
JEE Advanced 2026 Eligibility (Photo : Pexels)

IIT से बीटेक का सपना पूरा करना मानों कई सीढ़ीयां चढ़ने के बराबर है. ऐसा इसलिए क्योंकि केवल परीक्षा पास कर लेने से आपको IIT में एडमिशन नहीं दिलाता है. इसके लिए कई शर्तों को भी पूरा करना होता है. IIT के लिए प्रवेश परीक्षा भले ही जेईई एडवांस्ड है, लेकिन यहां तक पहुंच पाना भी बहुत मुश्किल है. ऐसा इसलिए क्योंकि आप जेईई एडवांस्ड पेपर दे पाएंगे कि नहीं ये इसका फैसला 12वीं से ही शुरू हो जाता है. इस साल जेईई मेंस 2026 सेशन-1 परीक्षा 21 जनवरी से शुरू हो रही है. उसके बाद सेशन-2 और फिर JEE एडवांस्ड 2026 होगा. लेकिन यहां पहुंचने के लिए छात्रों को इन 5 शर्तों को पूरा करना होगा.  

1. JEE मेंस 2026 में परफॉर्मेंस 

जेईई एडवांस्ड 2026 में शामिल होने की सबसे पहली शर्त ये है कि छात्रों को जेईई मेन 2026 एग्जाम में पास होने के साथ देशभर के टॉप 2.50 लाख कैंडिडेट्स रैंक लिस्ट में शामिल होना होगा. इसमें आरक्षण भी लागू होता है. 

जनरल कैटेगरी से 40.5% यानी कि 1,01,250 छात्र शॉर्टलिस्ट होंगे. हालांकि, इनमें भी 5% स्टूडेंट्स, यानी 5063 दिव्यांग कोटा में होंगे. 

इसी तरह जनरल ईडब्ल्यूएस और जनरल ईडब्ल्यूएस PwD के 25 हजार यानी 10 प्रतिशत होंगे. 

ओबीसी एनसीएल और ओबीसी एनसीएल दिव्यांग कोटा के कुल 67500 विद्यार्थी (27%) चुने जाएंगे. 

वहीं, एससी और एससी दिव्यांग कैटेगरी के कुल 37500 उम्मीदवार (15%) शामिल होंगे. 

एसटी और एसटी पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के कुल 18,750 कैंडिडेट्स (7.5%) शामिल होंगे. 

इसके अलावा IIT रूड़की ने ये भी कहा है कि अगर दो छात्रों का रैंक या मार्क्स एक जैसे होते हैं, तो ऐसे में जेईई एडवांस्ड के लिए जेईई मेन्स से शॉर्टलिस्ट होने वाले छात्रों की संख्या 2.50 लाख से अधिक हो सकती है. 

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2. एज लीमिट दें ध्यान 

अगर जेईई एडवांस्ड 2026 की बात करें, तो इसमें केवल वहीं छात्र शामिल हो पाएंगे जिनका डेट ऑफ बर्थ 1 अक्टूबर 2001 या इसके बाद हुआ हो. हालांकि, एससी, एसटी और दिव्यांग  कैटेगरी के उम्मीदवारों को नियमों के मुताबिक अधिकतम 5 साल की छूट दी जाएगा. 

3. ये है तीसरी शर्त 

जेईई एडवांस्ड्स में ज्यादा अटेम्प्ट्स की संख्या भी एक बड़ी शर्त है. एक कैंडिडेट आईआईटी जेईई एडवांस्ड की परीक्षा ज्यादा से ज्यादा बस दो बार ही दे सकते हैं पर इसमें गैप नहीं होना चाहिए. 

4. 12वीं के बाद तुरंत करें जेईई

सबसे बड़ी शर्त ये भी है कि अगर आप 12वीं पास कर चुके हैं और 3 से 4 साल बाद जेईई देना का सोच रहे हैं, तो ऐसा नहीं होगा. इसमें एक और शर्त लागू होती है कि 2026 जेईई एडवांस्ड के लिए छात्रों ने पहली बार 12वीं की बोर्ड परीक्षा साल 2025 या 2026 में दी हो. इसमें उनके कंपल्सरी सब्जेक्ट्स फीजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स होना अनिवार्य है. लेकिन अगर छात्र 2023-24 के लिए बोर्ड रिजल्ट 18 जून 2024 या इसके बाद जारी हुआ हो, तो उन छात्रों को 2026 के जेईई पेपर में बैठने का मौका दिया जाएगा. 

5. पहले से तो नहीं किया है IIT में प्रवेश 

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जेईई एडवांस्ड में एडमिशन एग्जाम में शामिल होने से पहले ये भी जरूरी है कि आपने पहले किसी आईआईटी के किसी एकेडेमिक कोर्स में हिस्सा न लिया हो, जो JoSAA रूल 2025 में लिस्टेड हो. 

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