पहाड़ों की ठंडी हवा और शांत जिंदगी अब सिर्फ घूमने का अनुभव नहीं रही, बल्कि कमाई का भी एक स्मार्ट तरीका बनती जा रही है. बदलते दौर में पर्यटक होटल छोड़कर लोकल और घरेलू माहौल की तलाश में हैं जिसने सरकार की ओर से पेश की गई होमस्टे टूरिज्म को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहा है. सरकार की मदद से अब आम लोग भी अपने घर को छोटे बिजनेस में बदलकर अच्छी कमाई कर रहे हैं.
होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए पहल
सरकार की ओर से यह पहल टूरिज्म सेक्टर और होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. सरकार का कहना है कि होमस्टे पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है. सरकार ने इस नीति को प्रोत्साहित करने के लिए कई आकर्षक रियायतें दी हैं. होमस्टे में रजिस्ट्रेशन हुए घरों को व्यावसायिक दरों के बजाय घरेलू दरों पर बिजली और पानी का भुगतान करना होगा. इसके अलावा, होमस्टे के संचालकों को प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी और पर्यटन विभाग की ओर से उनके स्टाफ को निःशुल्क स्किल विकास प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा. इसके साथ ही मुद्रा लोन योजना के तहत 10 लाख तक का लोन भी मिल सकता है.
क्या है होमस्टे के नियम?
सरकार की इस नीति के तहत शहरी, पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के मकान मालिक इस लाभ को उठा सकते हैं. इसके तहत जो मालिक उस घर में रहते हैं वह अपने कुछ कमरे इस योजना के तहत रजिस्टर कर सकते हैं. लेकिन अगर वह उस घर में नहीं रहते हैं, तो वह बेड एंड ब्रेकफास्ट श्रेणी में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इस जगह पर एक केयरटेकर रखना अनिवार्य है.
ऐसे करें अप्लाई
ऐसे में इच्छुक मकान मालिक पर्ययन विभाग के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. होमस्टे नीति के जरिए लोग अपने घर में रहकर भी एक अच्छा बिजनेस शुरू कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. इससे न केवल वहां रहने वाले लोगों को फायदा मिलेगा बल्कि लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा.