फूड सेफ्टी सेक्टर में करियर बनाने की सोच रहे युवाओं के पास इस समय बेहद खास मौका है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत जैसे देश में जहां खाने की इतनी वैरायटी मिलती है, ये सेक्टर बेहद तेजी से उभरता हुआ फील्ड बन रहा है.
ये फील्ड उन उम्मीदवारों के लिए बेहद खास है जो खाने के शौकीन हैं और साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई किए हैं. इसमें आपको ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना होता है, बढ़ते स्कोप और स्थिर नौकरी को बढ़ावा देते है.
फूड सेफ्टी का दायरा अब केवल जांच तक की सीमित नहीं है. होटल, रेस्टोरेट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी समेत कई प्लेटफॉर्म को पूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है.
ये फील्ड इसलिए भी तेजी से आगे बढ़ रहा है क्योंकि FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों ने हर जिलों में फूड सेफ्टी ऑफिसर और फूड इंस्पेक्टर की तैनाती को अनिवार्य कर दिया है. इसके साथ ही प्राइवेट फूड टेस्टिंग लैब्स में भी फूड एनालिस्ट की डिमांड तेजी से आगे बढ़ी है.
पहले के मुकाबले आज लोग खाने की क्वालिटी को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं. मिलावटी और खराब क्वालिटी वाले खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई तेज हुई है. इसके कारण हर फूड प्रोडक्ट की लैब टेस्टिंग जरूरी होती जा रही है.
बता दें कि फूड सेफ्टी ऑफिसर का काम सैंपल की जांच करना होता है. साथ ही यह तय करना होता है कि वह लोगों के खान के लिए सुरक्षित है या नहीं. ये फूड सेफ्टी फील्ड में जाकर दुकानों, फैक्ट्रियों और होटलों की जांच करते हैं.
इस फील्ड में करियर बनाने के लिए उम्मीदवारों को ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं होती है. उन्हें साइंस बैकग्राउंड से होना जरूरी है. इससे जुड़े फील्ड में करियर बनाने के लिए उम्मीदवार के पास फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, केमिस्ट्री, एग्रीकल्चर साइंस या डेयरी टेक्नोलॉजी में डिग्री होना जरूरी है. ग्रेजुएशन के बाद उम्मीदवार FSSAI या राज्य स्तर की फूड सेफ्टी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं.
फूड सेफ्टी से जुड़े कोर्स करने के लिए अलग-अलग कॉलेजों की फीस डिफेंट होती है. सरकारी कॉलेजों से B.Sc / B.Tech (Food Technology) करने में 20,000 से 60,000 रुपये हर साल का खर्च आता है.
वहीं, प्राइवेट कॉलेज से यही कोर्स 80,000 से 2,50,000 रुपये हर साल देनी होती है. M.Sc/M.Tech(FoodScience/FoodTechnology) 50,000 से 3 लाख रुपये हर साल खर्च कर पढ़ाई कर सकते हैं.