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तमिलनाडु में 12वीं बोर्ड का एग्जाम कैंसल, NEET की परीक्षा भी रद्द करने की मांग

NTA NEET Exam: 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द करने के इतर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M K स्टालिन ने शनिवार को सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित मेडिकल कैंडिडेट्स पर NEET एग्‍जाम के प्रभाव की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है.

NTA NEET Exam: NTA NEET Exam:
स्टोरी हाइलाइट्स
  • स्टालिन सरकार ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द की
  • राज्य सरकार NEET परीक्षा खत्‍म करने के पक्ष में
  • NEET रद्द करने के लिए CM ने PM को लिखा पत्र

कोरोना संकट को देखते हए देश के कई शिक्षा बोर्डों की तरह तमिलनाडु ने भी अपने यहां 12वीं बोर्ड (Tamil Nadu Class 12 Board Exams) की परीक्षा रद्द कर दी है. राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से NEET की परीक्षा समेत सभी राष्ट्रीय प्रवेश स्तर की परीक्षा को भी रद्द करने की मांग की है.

इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने को लेकर लिए गए निर्णय के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से एनईईटी जैसी राष्ट्रीय प्रवेश स्तर की परीक्षा को रद्द करने का अनुरोध करते हुए दावा किया कि 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के लिए समान कारण प्रवेश परीक्षाओं पर भी समान रूप से लागू होते हैं.

साथ ही प्रधानमंत्री को सूचित किया कि 12वीं कक्षा के छात्रों के अंकों के मूल्यांकन और अनुपालन पर निर्णय लेने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. पत्र में यह कहा गया कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और शिक्षाविदों, अभिभावकों, शिक्षकों और चिकित्सा पेशेवरों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया. सीएम स्टालिन ने कहा कि उनका दृढ़ मत है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करना छात्रों के स्वास्थ्य और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा.

सरकार ने कमेटी का गठन किया

NTA NEET Exam: मुख्यमंत्री M K स्टालिन ने शनिवार 5 जून, 2021 को सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित मेडिकल कैंडिडेट्स पर NEET एग्‍जाम के प्रभाव की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी की अध्‍यक्षता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके राजन करेंगे. यह समिति इस बात पर रिपोर्ट तैयार करेगी कि मेडिकल स्‍टूडेंट्स पर नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट (NEET) का क्‍या प्रभाव पड़ता है. 

यह समिति मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए किसी वैकल्पिक तरीके का भी सुझाव देगी. मुख्‍यमंत्री का कहना है कि कानूनी उपाय सभी उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद होने चाहिए. बता दें कि तमिलनाडु सरकार तभी से NEET परीक्षा के विरोध में है जब से इसकी शुरूआत हुई है. DMK सरकार ने अपने चुनावी वादे में यह भी कहा था कि वे तमिलनाडु में NEET से छुटकारा पाने के लिए सब कुछ करेंगे.

सरकार इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा को समाप्त करने के पक्ष में हैं. स्‍टालिन सरकार का मानना है कि एम करुणानिधि के नेतृत्व वाली पिछली DMK सरकार के दौरान लागू किए गए नियम के अनुसार, केवल कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल कोर्सेज़ में प्रवेश मिलना चाहिए. इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने कई कानूनी लड़ाईयां भी लड़ी हैं. संभव है कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जल्‍द कोई फैसला लिया जाएगा.

 

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