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एडमिशन

DU Admission 2021: पहली-दूसरी कट ऑफ से मायूस न हों, तीसरी में आ सकता है नंबर

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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दो अगस्त से दिल्ली यूनिवर्सिटी की दाख‍िला प्रक्र‍िया शुरू हो चुकी है. अब छात्र कट ऑफ का इंतजार कर रहे हैं. साथ ही ये अंदाजा भी लगा रहे हैं कि इस साल कट ऑफ ऊंची रहेगी या पिछले साल की तरह ही रहेगी. वहीं एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इस साल की कट ऑफ पहली भले ही ऊंची जाए लेकिन दूसरी के बाद की जो तीन कट ऑफ आएंगी, वो काफी कम रहेगी. एक्सपर्ट से जानिए इसके पीछे का गण‍ित. 

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इस साल सीबीएसई बोर्ड में 70,004 छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं. वहीं 1,50,152 90 प्रतिशत छात्रों ने 90 पर्सेंट से अधिक अंक प्राप्त किए हैं. इससे इस वर्ष यूजी पाठ्यक्रमों के लिए कट-ऑफ बढ़ने की संभावना है. इस रिजल्ट का यूनिवर्सिटी-कॉलेज कटऑफ पर काफी असर पड़ेगा. पहली कट ऑफ के बारे में अनुमान है कि वो पिछले साल की तरह या थोड़ा बहुत ऊंची जाएगी. 

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डीयू के पूर्व ड‍िप्टी डीन और दाख‍िला मामलों के जानकार प्रो जीएस टुटेजा ने aajtak.in से बातचीत में बताया कि इस साल सीबीएसई में हाई पर्सेंटेज आई है तो उससे अनुमान है कि पहली कट ऑफ ऊपर जाएगी लेकिन दूसरी कट आफ स्टेबलाइजिंग रहेगी. उन्होंने कहा कि क्योंकि इस साल 95 पर्सेंट से ज्यादा वालों की संख्या बढ़ी है इसलिए इसका असर पहली और दूसरी कट ऑफ में दिखेगा. 

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वहीं जिस तरह सीबीएसई में 90 से 95 पर्सेंट वाले छात्र घटे हैं. इससे अनुमान है कि तीसरी कटऑफ 95 पर्सेंट छूएगी लेकिन इसके बाद कट आफ गिरने के अनुमान है. आखिरी कट ऑफ फि‍र 80 से 85पर्सेंट तक आ सकती है जिससे कि तीसरी कट ऑफ के बाद से ही दाख‍िले के चांसेज बढ़ने लगेंगे. 

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अगर सीबीएसई रिजल्ट के आधार पर यूजी कट ऑफ की बात करें तो इस साल 95% और इससे ज्यादा स्कोर करने वाले 31318 स्टूडेंट्स बढ़े हैं. अगर साल 2019 की बात करें तो इस कैटेगरी में सिर्फ 17693 स्टूडेंट्स थे और 2020 में 20 हजार थे. इसलिए बीते साल भी डीयू के यूजी कोर्सेज की पहली कटऑफ .25% से लेकर 3% तक उछाल लेकर आई थी. 

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प्रो टुटेजा कहते हैं कि इस तरह देखा जाए तो इस साल भी पहली कट ऑफ .25% से लेकर 2% तक ऊपर जा सकती है. वहीं इस साल सभी बोर्ड में असेसमेंट पॉलिसी की वजह से सभी का रिजल्ट हाई गया है और जिनके रिजल्ट बचे हैं उनके भी ग्राफ ऊपर रहने की उम्मीद है. इससे सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में कट ऑफ भी 2% तक ऊपर जा सकती है. वहीं इस बार 90% और 95% के बीच स्कोर पाने वाले 150152 स्टूडेंट्स हैं, पिछले साल 157934 और 2019 में 94299 स्टूडेंट्स थे. 

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डॉ टुटेजा ने कहा कि इस साल असेसमेंट स्कीम की वजह से सभी बोर्ड के रिजल्ट में 95 प्रतिशत स्कोर पाने वालों में उछाल है, इसका असर डीयू कट ऑफ पर सीधा दिखेगा. पिछली बार भी डीयू में यह देखा गया था कि कुछ कॉलेजों में जनरल कैटिगरी की सीटें तो पहली दो कटऑफ में ही भर गई थीं. इस साल के स्टूडेंट्स को उन्होंने सलाह दी कि अगर वो डीयू में एडमिशन प्लान कर रहे हैं तो उन्हें दूसरी जगह भी एप्लाई करना चाहिए क्योंकि डीयू में इस साल भी काफी ज्यादा लोड हो सकता है.