राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब आईएसआईएस से निपटने के लिए एक नया प्लान बना रही है. दरअसल देश में गिरफ्तार किए गए खतरनाक आईएस आतंकियों की खुफिया बातों को जानने के लिए एनआईए दफ्तर में अब एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा.
आईएस को बड़े स्तर पर समझने और अलग-अलग एजेंसियों से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध प्रभावित युवकों के सभी केस एक जगह लाकर एनआईए उन मामलों को समझने का काम शुरू करेगी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एनआईए सबसे ज्यादा आईएस से जुड़े मामलों की जांच कर रही है. इसीलिए आईएस की गतिविधियों को हैंडल करने के लिए अब एनआईए एक कंट्रोल रुम बनाने जा रही है. बताते चलें कि एनआईए ने अभी तक आईएस से जुड़े मामलों में 58 संदिग्धों और आतंकियों को गिरफ्तार किया है.
सभी मामलों को एक जगह लाने के पीछे एनआईए की एक यह भी मंशा है कि सभी केस जिसमें राज्य पुलिस और दूसरी एजेंसियों ने आरोपियों को पकड़ा है, उससे उनके एक-दूसरे से लिंक के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी और विशेष तौर पर यह भी पता चल पाएगा कि आतंकियों का क्या प्लान था. हाल ही में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अधिकारियों को आतंकियों से पूछताछ की नई तकनीकों के बारे में ट्रेनिंग दी थी. नए कंट्रोल रूम में विदेशों में बैठे आईएस हैंडलर्स की जानकारी के जरिए संयुक्त दस्तावेज तैयार किए जाएंगे, जिससे आगे की जांच में मदद मिल सकेगी.
एजेंसी कंट्रोल रूम की मदद से जान पाएगी कि लोन वुल्फ का खतरा कहां है या फिर आतंकी दहशत फैलाने के लिए किस तरह के नए तरीके का इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं. साथ ही एनआईए अधिकारी इस बात को भी समझने की कोशिश करेंगे कि आतंकी साइबर वर्ल्ड पर क्या-क्या नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. कंट्रोल रूम की मदद से एनआईए अधिकारी जान सकेंगे कि आईएस संदिग्ध चैटिंग एप का इस्तेमाल कर हजारों किलोमीटर दूर दूसरे देशों में बैठे अपने हैंडलर्स से कैसे प्रभावित हुए. वहीं कंट्रोल रूम में सभी संदिग्धों की केस हिस्ट्री समझते हुए आतंकियों से निपटने की पहले से ही विशेष तैयारी की जाएगी.