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राधे मां बोलीं- थाने में वॉशरूम इस्तेमाल करने गई थी, गलती से बैठी SHO की कुर्सी पर

28 सितम्बर को राधे मां की विवेक विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ की कुर्सी पर बैठी तस्वीर वायरल होने पर एसएचओ संजय शर्मा को निलम्बित कर दिया गया.  इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए राधे मां ने आजतक से एक्सक्लूसीव बात कर पूरी घटनाक्रम की ज़ुबानी बताई. राधे मां ने यह भी दावा किया कि एसएचओ उन्हें जानता नहीं था और ना उनकी पुलिस की साख खराब करने की कोई मंशा थी.

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थाने में राधे मां
थाने में राधे मां

पुलिस स्टेशन में एसएचओ की कुर्सी पर बैठकर अपने पुलिस वाले भक्तों को आशीर्वाद देने का आरोप झेलने वाली राधे मां ने नया खुलासा किया है. राधे मां ने कहा कि वह थाने वॉशरूम इस्तेमाल करने गई थीं. उनके अनुसार वह गलती से SHO की कुर्सी पर बैठ गईं. इसके बाद  SHO ने हाथ जोड़कर बोला था, मां मेरी कुर्सी से उठ जाओ.

28 सितम्बर को राधे मां की विवेक विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ की कुर्सी पर बैठी तस्वीर वायरल होने पर एसएचओ संजय शर्मा को निलम्बित कर दिया गया.  इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए राधे मां ने आजतक से एक्सक्लूसीव बात कर पूरी घटनाक्रम की ज़ुबानी बताई.

राधे मां ने दुःख प्रकट करते हुए बताया, ''मैं रामलीला देख रही थी और मुझे टॉयलेट जाना था. किसी ने सलाह दिया कि बग़ल में पुलिस स्टेशन है और मैं वहां चली गई. टॉयलेट से निकली तो मुझे सामने कुर्सी दिखी और मैं बैठ गयी. तभी एसएचओ आए और हाथ जोड़कर बोले कि मां, इस कुर्सी से उठ जाओ और मैं उठ गई.'' राधे मां ने यह भी दावा किया कि एसएचओ उन्हें जानता नहीं था और ना उनकी पुलिस की साख खराब करने की कोई मंशा थी.

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यह मामला संज्ञान में आते ही एसएचओ सहित 6 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया और देर गुरुवार की देर शाम एसएचओ समेत 2 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया. डीसीपी शहादरा इस मामले की जांच कर रहे हैं.

आपको बता दें कि हाथ में त्रिशूल लेकर अपने भक्तों के बीच अजब-गजब मुद्रा को लेकर चर्चित राधे मां दिल्ली के विवेक विहार थाने में एसएचओ की कुर्सी पर बैठी नजर आई थीं. खाकी वर्दी की इज्जत से बेपरवाह एसएचओ संजय शर्मा भक्त की मुद्रा में हाथ जोड़े राधे मां के सामने अभिभूत से खड़े दिखाई दिए थे.

वर्दी के ऊपर चुनरी डाल रखी थी. राधे मां दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और धमकाने समेत कई तरह आरोपों से घिरी हुई हैं. हाल ही में संतों की एक संस्था ने उन्हें फर्जी संत घोषित किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि एक थाने में राधे मां के प्रति इतनी श्रद्धा कहां तक उचित है?

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