बिहार की राजधानी पटना के 76 पुलिस थानों को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए उनके कामकाज की ग्रेडिंग की शुरुआत की गई है. इस संबंध में डीआईजी राजेश कुमार ने एक फरमान जारी किया है. इससे 2 दिन पहले ही पटना जोन के आईजी नैयर हसनैन खान ने कबूल किया था कि जिले में अपराध, खासकर हत्या की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है.
इसी क्रम में जिले के सभी 76 पुलिस थानों की कामकाज की समीक्षा और उनका ग्रेडिंग हर 15 दिनों पर किया जाएगा. लागू किए जा रहे इस सिस्टम के तहत हर 15 दिनों पर पटना के टॉप 3 और सबसे नीचे पायदान पर रहने वाले 3 थानों को चिन्हित किया जाएगा.
इस ग्रेडिंग सिस्टम के तहत थानाध्यक्ष से लेकर थानों में काम करने वाले सभी पुलिस पदाधिकारी और कर्मी जिम्मेदार माने जाएंगे. इस नए ग्रेडिंग सिस्टम को लेकर पटना जिले के डीआईजी राजेश कुमार ने बताया कि अच्छा काम काज करने वाले टॉप 3 थानों के पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा और ₹10000 इनाम भी दिया जाएगा.
इस नए सिस्टम के तहत प्रत्येक पुलिसकर्मी को हर 2 महीने में 5 दिनों का अवकाश भी दिया जाएगा ताकि वह अपने आप को तरोताजा कर सके.
इसी प्रकार सबसे खराब रैंकिंग वाले पुलिस थानों के थानाध्यक्ष से लेकर सिपाही तक को थानों से हटाकर पुलिस लाइन में भेज दिया जाएगा और अगले 6 महीने तक उन्हें पुलिस लाइन के माध्यम से राईफल ड्यूटी, गश्ती, पेट्रोलिंग और अन्य तरह के काम लिया जाएगा.
डीआईजी राजेश कुमार ने बताया कि इस ग्रेडिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य थानों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना जगा कर कामकाज को बेहतर करना है. 24 जून से शुरू होने वाले इस ग्रेडिंग सिस्टम की समीक्षा 15 दिनों के बाद यानी कि 9 जुलाई को की जाएगी.