दिल्ली के भलस्वा इलाके में एक फैशन डिजाइनर के साथ हुई दहला देने वाली वारदात के बाद अब भी इलाके के लोग दहशत में हैं. बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बाद मां-बाप को भी कुछ नहीं सूझ रहा. उनके जहन में है, तो बस अपनी बेटी की यादें. गैंगरेप के बाद हत्या और फिर गैंगरेप की शिकार हुई इस बदनसीब लड़की के पिता की माने तो बेहद गरीब परिवार में पैदा होने के बाद भी उसने सपने देखना नहीं छोड़ा था.
पिता के मुताबिक, गरीब होने की वजह से उसके घर अखबार या फिर मैगजीन नहीं आती थी. जब वो 10 साल की थी तभी से वो मैगजीन या अखबार ढूंढती और जैसे ही उसे नजर आता वो उसमें कपड़ों के डिजाईन देखा करती. जब 18 साल की हुई तो उसने पहली बार अपने पिता से फैशन डिजाइनर बनने की इच्छा जाहिर की. फैक्टी में काम करने वाले पिता इसका मतलब तक नहीं समझे, लेकिन लगन देख तुरंत हां कर दी.
वह आगे बताते हैं कि उनकी बेटी इलाहाबाद जाकर पढ़ना चाहती थी. उन्होंने उसे वहां भेजा. वह नोएडा से भी पढ़ी. उसकी हर इच्छा पूरी की गई और उसने भी इमानदारी से सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया. लेकिन बदनसीब मां-बाप को नहीं पता था कि उनकी बेटी की नीयती ऐसी होगी. इस घटना के बाद वे पूरी तरह से टूट चुके हैं. वो उस घर में जाना नहीं चाहते जहां उनकी लाड़ली के साथ वारदात हुई है.
मां कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और ऐसी सुरक्षा चाहिए ताकि दुबारा ऐसा किसी और की बेटी के साथ ना हो. पिता का दिल देखिए खुद पर दुखों का पहाड़ टूटा है पर वो इसे भूल कर इलाके में रह रही दूसरी लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि यदि ये वारदात ना होती तो हो सकता है कि इस रविवार को उसकी शादी तय हो जाती वारदात के वक्त पीड़ित लड़की के पिता उसकी शादी ही तय करने गए थे.
बताते चलें कि वारदात के वक्त लड़की घर में अकेली थी. उसी समय छत के रास्ते दोनों दरिंदे उसके घर में दाखिल हो गए. दोनों उस लड़की के पास पहुंचकर उसके साथ मनमानी करने पर आमादा हो गए. लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसके साथ मारपीट करके पहले गैंगरेप किया फिर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद वहशी दरिंदे उसकी लाश ठिकाने लगाने के लिए जंगल में ले गए और वहां भी उसकी लाश के साथ गैंगरेप किया.
डीसीपी नॉर्थ वेस्ट विजय सिंह ने बताया कि भलस्वा के जंगल से 28 नवंबर यानी दो रोज पहले ही एक टेक्सटाइल डिजायनर की लाश पुलिस को बरामद हुई थी. इसके बाद पुलिस के गिरफ्त में गुनहगार भी आ गए. उसमें एक नाबालिग लड़का है, जिसने नशे में अपने दोस्त के साथ मिलकर इस घिनौने वारदात को अंजाम दिया था. एक शख्स फरार है, जिसका नाम अभिमन्यू है. वह आजादपुर फ्रूट मंडी में लोडिंग का काम करता है.