जम्मू के बस स्टैंड में गुरुवार को हुए ग्रेनेड धमाके में मरने वालों की संख्या दो हो गई है. यहां बस स्टैंड के पास खड़ी एक बस पर ग्रेनेड से हमला किया गया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे. गुरुवार को इस हमले में एक युवा की मौत हो गई थी, जबकि अन्य व्यक्ति ने शुक्रवार सुबह अपनी जान गंवाई. ग्रेनेड फेंकने वाले यासिर भट्ट ने इस बात को कबूल किया था कि उसने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कहने पर ये किया.
गौरतलब है कि ग्रेनेड हमला होने के कुछ ही घंटे बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इसके दोषी को पकड़ लिया था. पुलिस ने बस में ग्रेनेड हमला करने वाले यासिर भट्ट को गिरफ्तार किया था. यासिर भट्ट ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, यासिर भट्ट ने हिज्बुल कमांडर के कहने पर जम्मू बस स्टैंड पर बस में ग्रेनेड फेंका था.
गौरतलब है कि अभी तक आतंकी संगठन कश्मीर तक ही हमला कर रहे थे, लेकिन इस बार आतंकियों ने जम्मू को निशाना बनाया है. इतना ही नहीं सेना और पुलिस से आगे बढ़कर आतंकियों के निशाने पर आम इंसान भी आ रहे हैं. ऐसे में आतंकियों के इस गैर इरादे के पीछे बड़ी साजिश की बू आ रही है. इससे पहले पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे, जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.
#UPDATE Grenade attack at Jammu bus stand yesterday: One more person succumbs to his injuries at the hospital. Death toll rises to two.
— ANI (@ANI) March 8, 2019
कब और कहां हुआ था हमला?
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह जम्मू में बस स्टैंड पर खड़ी एक बस पर ग्रेनेड फेंका गया था, जिसके बाद एक बड़ा धमाका हुआ. इस हमले में करीब 32 लोग घायल हुए थे, जिसमें से एक ने गुरुवार को ही दम तोड़ दिया था. धमाके की चपेट में आने से उत्तराखंड के हरिद्वार के रहने वाले मो. शारिक (17 साल) की मौत हो गई थी.
यह धमाका सुबह करीब 11.30 बजे हुआ था, घायलों को जम्मू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के IGP एमके सिन्हा ने पुष्टि की थी कि ये हमला ग्रेनेड से किया गया था.
धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इसमें मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 20-20 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा भी की है.