scorecardresearch
 

जयपुर: बड़ी गैंग का पर्दाफाश, देश-विदेश के लोगों से ठगी करने वाले 25 गिरफ्तार

अमेरिका, चीन, जापान, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में आरोपियों ने विदेशी मूल के अलावा भारतीय मूल के लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया है. इंटरनेट कॉल के जरिए ये विदेशों में कॉल कर ठगी करते थे.

Advertisement
X
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपी

  • पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से आरोपियों को दबोचा
  • विदेशी लोगों को टैक्स जमा न करने पर धमकी देकर वसूली

जयपुर में आज पुलिस ने ठगी के राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने जयपुर में बैठकर विदेशों में लोगों से ठगी कर और धमकाकर पैसे वसूलने के आरोप में 25 लड़के-लड़कियों को गिरफ्तार किया है. अंतरराष्ट्रीय कॉल को इंटरनेट कॉल में रूट कर ये लोगों को लोन लेने से लेकर प्रोजेक्ट पास कराने और सिक्योरिटी अपडेट के नाम पर पैसे वसूलते थे.

पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 20 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं. जांच से पता चला है कि अब तक ये लाखों रुपए लोगों से ठग चुके हैं. राजस्थान के सिरोही के अलावा इनमें गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं.

जयपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर संतोष चालके ने बताया कि लंबे समय से अलग-अलग देश के लोगों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि जयपुर में उन्हें ठगा गया है. इस बारे में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी जयपुर पुलिस से संपर्क किया था उसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से जयपुर में 2 जगहों पर दबिश देकर 25 लोगों को गिरफ्तार किया है.

Advertisement

कई देशों के लोगों का बनाया शिकार

अमेरिका, चीन, जापान, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में आरोपियों ने विदेशी मूल के अलावा भारतीय मूल के लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया है. इंटरनेट कॉल के जरिए यह विदेशों में उस देश के समय के हिसाब से कॉल करते थे. इनमें से ज्यादातर लोग विदेशी एक्सेंट में अंग्रेजी बोलने में सक्षम है.

ये लोग vos 3000 स्पीच डायल से स्पाइडर लिंक को अपने लैपटॉप के आईबीम जोड़कर वॉइस कॉल करते थे. उनके पास से बड़ी संख्या में लैपटॉप और दूसरे गैजेट्स बरामद हुए हैं जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए करते थे. गिरफ्तार लोगों में 4 लड़कियां भी शामिल हैं.

टैक्स बचाने के उपाय देकर पैसे वसूलते

एडिशनल एसपी बजरंग सिंह के नेतृत्व में पुलिस दल का गठन किया गया था. पुलिस दल ने जांच में पाया कि कॉल सेंटर के नाम पर इन्होंने विदेशी नागरिकों से अवैध रूप से डाटा इकट्ठा कर लिया था. वहां पर यह लोगों को टैक्स जमा नहीं करने पर धमकी देकर पैसे वसूलते थे.

इसके अलावा कई लोगों को टैक्स बचाने के उपाय देकर भी पैसे वसूलते थे. ये ठग लोगों के मन में भय पैदा कर देते थे कि अगर उनकी बात नहीं मानी तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है और वह पुलिस में इनके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं. वेस्टर्न यूनियन, आई ट्यून, गिफ्ट कॉर्ड, मनीग्राम या बिटकाईन के रूप में लोगों से इन्होंने ठगी की है.

Advertisement
Advertisement