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ITBP जवान की जेब काटना पड़ा भारी, जेबकतरों की जमकर हुई पिटाई

आईटीबीपी के कुछ जवान सोमवार को बस में सफर कर रहे थे. इस दौरान कुछ जेबकतरों ने एक जवान की जेब काट ली. जैसे ही साथी जवानों को जेब कटने के बारे में पता चला तो उन्होंने आरोपियों को ढूंढना शुरू कर दिया. जेबकतरों को खोजते हुए जवान नरेला बवाना रोड रेलवे फाटक के पास पहुंचे तो वहां से जेबकतरों को पकड़ लिया और मौके पर ही जमकर धुनाई की.

जेबकतरों की पिटाई (फोटो- तनसीम aajtak) जेबकतरों की पिटाई (फोटो- तनसीम aajtak)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आपकी जेब बाजार, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन कहीं भी सुरक्षित नहीं है. इंसान को पता भी नहीं चलता और पैसों के साथ पर्स ही जेब से साफ हो जाता है. ताजा मामला बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके का है, जहां जेबकतरों ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान की जेब काटने की कोशिश की, हालांकि उनकी यह कोशिश भारी पड़ गई.

दरअसल, आईटीबीपी के कुछ जवान सोमवार को बस में सफर कर रहे थे. इस दौरान कुछ जेबकतरों ने एक जवान की जेब काट ली. जैसे ही जवानों को जेब काटने के बारे में पता चला तो उन्होंने आरोपियों को ढूंढना शुरू कर दिया. जेबकतरों को खोजते हुए जवान नरेला बवाना रोड रेलवे फाटक के पास पहुंचे तो वहां से जेबकतरों को पकड़ लिया और मौके पर ही जमकर धुनाई की. इसके बाद जवानों ने आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया. 

गौरतलब है कि पर्स चोरी होने पर डॉक्यूमेंट्स जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी की आर.सी., एटीएम समेत कई कार्ड भी साथ चले जाते हैं. इन डॉक्यूमेंट्स को दोबारा बनवाने के लिए महीनों मशक्कत करनी पड़ती है, और अगर कोई डॉक्यूमेंट बाहर राज्य का है तो बार-बार चक्कर लगाने में भी काफी परेशानी होती है.

दिल्ली मेट्रो और बसों में आए दिन जेब कटने की कई घटनाएं सामने आती हैं. आज के दौर में जेब कटना आम हो गया हो और भले ही पुलिस के लिए जेब कटना एक छोटा मामला है. लेकिन पर्स से पैसे ही नहीं जरूरी डॉक्यूमेंट्स दोबारा बनवाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

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