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Exclusive: वर्णिका के पिता को 6 बार आया बराला का फोन, समझौते के लिए दबाव

चंडीगढ़ छेड़खानी केस में पीड़िता वर्णिका कुंडू के पिता IAS अफसर वीएस कुंडू ने खुलासा किया है कि वारदात की रात उनको आरोपी विकास बराला के पिता सुभाष बराला ने 6 बार फोन कॉल किया था. उन्होंने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष बराला का फोन नहीं उठाया, क्योंकि वह जानते थे कि उन पर दबाव बनाया जा सकता है. कुंडू ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया है.

IAS अफसर वीएस कुंडू और BJP नेता सुभाष बराला IAS अफसर वीएस कुंडू और BJP नेता सुभाष बराला

चंडीगढ़ छेड़खानी केस में पीड़िता वर्णिका कुंडू के पिता IAS अफसर वीएस कुंडू ने खुलासा किया है कि वारदात की रात उनको आरोपी विकास बराला के पिता सुभाष बराला ने 6 बार फोन कॉल किया था. उन्होंने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष बराला का फोन नहीं उठाया, क्योंकि वह जानते थे कि उन पर दबाव बनाया जा सकता है. कुंडू ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया है.

आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में IAS अफसर वीएस कुंडू ने कहा कि वारदात की रात उनके फोन पर हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला का 6 बार कॉल आया था. इसके बाद बीजेपी एक नेता ने उनको कॉल करके समझौते के लिए दबाव बनाया था. बीजेपी नेता कुंडू को पहले से जानते थे. उन्होंने बताया कि आरोपी बाराला का बेटा है, इसलिए वे समझौता कर लें.

वीएस कुंडू ने बताया कि बीजेपी नेता ने उनसे कहा कि पीड़िता और आरोपी दोनों एक ही जाति से हैं. इसलिए उनको समझौता कर लेना चाहिए. लेकिन उन्होंने समझौते से साफ इंकार कर करते हुए कहा कि आरोपी किसका बेटा है, इसकी उनको कोई परवाह नहीं है. उनको उनकी बेटी की चिंता है. उसके साथ गलत हुआ है. उसे इस मामले में जरूर न्याय मिलना चाहिेए.

पीड़िता के पिता ने यह भी कहा कि वारदात की रात वो अपने बेटी के साथ थाने पहुंचे थे. वहां उन्होंने पुलिस से आरोपियों के मेडिकल जांच की बात कही थी. करीब दो घंटे के बाद पुलिसवालों ने बताया कि विकास बराला और उसके साथ के मेडिकल जांच में नशे में होने की पुष्टि हुई है. उनकी मेडिकल टेस्ट हुए हैं, जबकि बाद में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सैंपल ही नहीं दिया.

आरोपियों का मेडिकल करने वाले डॉक्टर हरजोत सिंह ने बताया कि विकास बराला और आशीष को गिरफ्तार करने के बाद चंडीगढ़ पुलिस मनी माजरा के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल कराने के लिए लेकर आई थी. पुलिस ने ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं की थी कि आरोपियों का यूरिन या ब्लड सैंपल लिया जाए. आरोपियों ने यूरिन और ब्लड सैंपल देने से मना कर दिया था.

इसके बाद डॉक्टर ने सिर्फ सूंघ कर मेडिकल रिपोर्ट तैयार की थी. यदि चंडीगढ़ पुलिस डॉक्टर को यह कहती कि इनका यूरिन और ब्लड सैंपल लिया जाए, तो यह केस और मजबूत हो सकता था. इसके साथ ही शराब की पूरी सच्चाई भी उसी वक्त साफ हो सकती थी, लेकिन पुलिस ने डॉक्टर को ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं की थी. फिलाहल पुलिस मामले की जांच में हैं.

 

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