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मुंगेर AK-47 कांडः पुलिस ने सरगना मंजर आलम को पटना से दबोचा

पटना पुलिस ने मुंगेर के AK-47 कांड के सरगना मंजर आलम को गिरफ्तार कर लिया है. वह पटना के बुद्धा कालोनी इलाके में एक होटल में नाम बदलकर छिपा हुआ था.

पुलिस की हिरासत में मंजर आलम (फोटो-सुजीत झा) पुलिस की हिरासत में मंजर आलम (फोटो-सुजीत झा)

बिहार के मुंगेर में AK-47 राइफलें मिलने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली हैं. पटना पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मंजर आलम को गिरफ्तार कर लिया है. मंजर आलम को AK-47 की तस्करी मामले का सरगना बताया जा रहा है. पटना के एसएसपी मनु महाराज ने मंजर आलम की गिरफ्तारी की पुष्टि की.

उन्होंने बताया कि NIA को भी मंजर आलम की तलाश थी. इससे पहले इसको पटना पुलिस ने साल 2014 में गोलियों के जखीरे के साथ जक्कनपुर से पकड़ा गया था. इस मामले में भी वो सरगना था. इसके बाद मुंगेर AK-47 राइफल कांड में पुलिस को मंजर आलम की तलाश थी. वह पटना में सरेंडर करने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले पटना पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है. वो पटना के बुद्धा कालोनी इलाके में एक होटल में नाम बदल कर रह रहा था.

पुलिस ने खुफिया सूचना पर उसे गिरफ्तार किया है. मुंगेर में लगातार एके-47 की बरामदगी के बाद शुरुआती जांच में मंजर आलम उर्फ मंजी का नाम सरगना के रूप में सामने आया. 29 अगस्त को मुंगेर पुलिस ने जमालपुर थाना क्षेत्र के जुबली वेल के पास एक हथियार तस्कर इमरान को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस को एक बैग और तीन AK-47 राइफलें समेत अन्य पुर्जे बरामद हुए थे.

पुलिस पूछताछ में इमरान ने मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी पुरुषोत्तम लाल के बारे में खुलासा किया था, जिसके बाद मुंगेर एसपी के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया. एक टीम को जबलपुर और दूसरी टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया था. पुरुषोत्तम लाल से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि 29 अगस्त को लोकमान्य तिलक से वह और उसकी पत्नी जबलपुर से एके-47 के दो बैग लेकर जमालपुर स्टेशन आए थे. इन्होंने एके-47 के एक बैग को इमरान और दूसरे बैग को मोहम्मद शमशेर आलम को दिया था.

इसके बाद  पुलिस ने 7 सितंबर को करीब 8 घंटे तक छापेमारी की थी और शमशेर को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने शमशेर की बहन रिजवाना बेगम के घर से एक बैग में तीन एके 47 बरामद किया था. इसके बाद चले व्यापक स्तर पर चले तलाशी अभियान में पुलिस को कुएं में एके-47 रायफलें और इसके पार्ट्स मिले थे. पुलिस ने नदी, नाले और खेतों में भी तलाशी अभियान चलाया था.

मुंगेर पुलिस अब तक 20 एके-47 रायफलें बरामद कर चुकी है, जिसमें मुंगेर के बरहद गांव के एक कुएं से बरामद 12 एके-47 भी शामिल हैं. इन राइफलों के बरामद होने के बाद से पुलिस मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई इलाकों में छापेमारी कर रही है. अब तक इस मामले में एक दर्जन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. इस मामले में पुलिस एके-47 बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों पर नजर रखे हुए है. मामले की जांच एनआईए भी कर रही है. मंजर की गिरफ्तारी से इस मामले की जांच में और गति आएगी.

60 AK-47 राइफलें बेंच चुका है मंजर आलम

मंजर आलम बिहार में एके-47 राइफल का सबसे बड़ा सप्लार्य है. जबलपुर में सेना के डिपो से चोरी की गई एके-47 रायफलों को बेचने का काम मंजर आलम करता था. बताया जा रहा है  कि गिरफ्तार मंजी एके-47 को शमशेर और इमरान से लेकर बिहार और झारखंड  सहित अन्य राज्यों में बेचने का काम करता था. मंजर आलम पर जबलपुर सीओडी से गायब 50 से 60 एके-47 राइफलें झारखंड के कोल माफिया से लेकर नक्ससलियों तक को सप्लाई करने का आरोप है.

मुंगेर के एसपी बाबू राम ने बताया की गिरफ्तार मंजर आलम बिहार के गया व औरंगाबाद और झारखंड में एके 47 का बेचने का काम करता था. उन्होंने कहा कि जबलपुर से एके-47 राइफलें इमरान और शमशेर मंगवाते थे और मंजर आलम व इरफान उसे बेचते थे एसपी ने कहा की इरफान को कुछ दिन पहले रामगढ़ के गिद्दी गांव से गिरफ्तार किया गया था. 

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार मंजर आलम झारखंड के रामगढ़ में अपने रिश्तेदार के मार्फत कोयला में काफी पैसा लगाया. उसने यह पैसा हथियारों को बेचकर कमाया था. वह गया और औरंगाबाद में स्थानीय अपराधी व नक्ससलियो को एके-47 सप्लाई करता था. एसपी ने कहा कि मंजर आलम ही एके 47 की सप्लाई करने के गैंग का सरगना है. एसपी ने बताया कि जल्द ही मुंगेर पुलिस मंजर आलम को रिमांड पर लेगी. उसको पटना पुलिस ने एक होटल से पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है.

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