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बिहार: AK-47 उगल रहे हैं मुंगेर के नदी-नाले, जबरदस्त सर्च ऑपरेशन

बिहार का मुंगेर जिला पिछले कई दशकों से उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत हथियार और गोला बारूद के गैरकानूनी निर्माण के लिए कुख्यात हो गया है.

पुलिस मुंगेर जिले में 15 दिनों से सर्च ऑपरेशन चला रही है(फोटो- नदीम) पुलिस मुंगेर जिले में 15 दिनों से सर्च ऑपरेशन चला रही है(फोटो- नदीम)

बिहार के मुंगेर जिले में सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 20 एके47 राइफल मिल चुकी हैं. इसके बाद भी वहां खोजी अभियान जारी है. पुलिस इस सर्च ऑपरेशन के दौरान गंगा नदी में मिलने वाले नालों को भी खंगाल रही है. ये सारी कवायद कई घटनाओं में एके47 का इस्तेमाल किए जाने के बाद शुरू की गई है.

दरअसल, बिहार के मुंगेर जिले से बड़े पैमाने पर एके47 के स्पेयर पार्ट्स जब्त किए गए हैं. जो पुलिस ने नदियों और कुओं से बरामद किए हैं. बीती 29 अगस्त को हथियार तस्करी रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद एक पखवाड़े से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसी के तहत पुलिस को 20 एके47 और उसके 500 पार्टस बरामद हुए हैं, जिन्हें फेंक दिया गया था.

पुलिस मुंगेर जिले के विभिन्न हिस्सों में खोज कर रही है. मुंगेर जिला पिछले कई दशकों से उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत हथियार और गोला बारूद के गैरकानूनी निर्माण के लिए कुख्यात हो गया है. वहां गंगा के किनारे से एके47 के 281 स्पेयर पार्ट्स बरामद किए गए हैं.

इसी ऑपरेशन के तहत मंगलवार को पुलिस ने मफसिल पुलिस स्टेशन के मंज़ार वर्धा गांव में एक घर पर छापा मारा था. जहां से पुलिस को एके47 राइफल के 91 स्पेयर पार्ट्स बरामद हुए थे. हैरानी की बात ये है कि पुलिस की दबिश से पहले ही घर के सदस्य वहां से फरार हो गए थे.

मुंगेर के पुलिस अधीक्षक बाबूराम ने बताया कि पुलिस ने एक पखवाड़े पहले एक आमना खातून नामक महिला को गिरफ्तार किया था. उसने पूछताछ में खुलासा किया था कि एके47 के स्पेयर पार्ट्स गांव के एक कुएं में छिपाए गए हैं. इसके बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर स्पेयर पार्ट्स बरामद कर लिए थे.

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने आमना के घर पर दबिश दी थी. पुलिस ने वहां घर की जमीन में दबाई गई दो एके47 बरामद की थी. जो इस्तेमाल किए जाने के लिए तैयार थीं. पुलिस ने बताया कि स्पेयर पार्ट्स की बरामदगी से साफ संकेत मिलते हैं कि हथियारों के तस्करी करने वाले मांग के हिसाब से एके47 बनाते हैं.

हथियारों के इस रैकेट का खुलासा होने के बाद जांच में पाया गया कि बरामद की गई कुछ राइफल मध्य प्रदेश के जबलपुर में केंद्रीय आयुध डिपो में तैयार की गई थीं. वहां से उन्हें माओवादियों और आतंकवादियों तक पहुंचाने के लिए तस्करी कर बिहार पहुंचाया गया था.

ऐसा माना जाता है कि 2012 से अब तक जबलपुर आयुध डिपो से 60 से अधिक एके47 राइफल गायब हो चुकी हैं. जिन्हें तस्करी कर मुंगेर भेजा गया है. इस संबंध में वहां डिपो में आर्मर के पद पर तैनात रहे पुरुषोत्तम लाल को गिरफ्तार किया जा चुका है. जिस पर इन हथियारों को तस्करों तक पहुंचाने का इल्जाम है. पुलिस ने इस मामले में पुरुषोत्तम लाल समेत मध्य प्रदेश से चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में बेखौफ अपराधियों ने पूर्व मेयर समीर कुमार को सरेआम एके47 से भून डाला था. समीर कुमार के साथ ही उनके कार ड्राइवर की भी मौत हो गई.

इससे पहले हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने बिहार के मोतिहारी जिले के रामपुर गांव निवासी 25 वर्षीय राम सिंह उर्फ विजय सिंह को सेक्टर 15 में वाहन की नियमित जांच के दौरान गिरफ्तार किया था. उसने इसी साल सितंबर में एके47 राइफल से मोतीहारी में बिहार पुलिस पर हमला किया था. साथ ही आरोपी ने पूर्वी चंपारण में एके47 से अपने विरोधी बबलू कुमार की हत्या भी की थी.

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