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आसाराम के 14 वकीलों पर भारी पड़े 2 सरकारी वकील, जानिए कोर्ट में क्या-क्या हुआ

पांच साल पुराने यौन शोषण के मामले में कथावाचक आसाराम बापू को जोधपुर की अदालत ने दोषी करार दे दिया. यही नहीं इस मामले में आसाराम के अलावा दूसरे आरोपी शिल्पी और शरतचंद को भी दोषी माना गया. जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया गया.

फैसला सुनते ही आसाराम का चेहरा उतर गया फैसला सुनते ही आसाराम का चेहरा उतर गया

पांच साल पुराने यौन शोषण के मामले में कथावाचक आसाराम को जोधपुर की अदालत ने दोषी करार दे दिया है. यही नहीं इस मामले में आसाराम के अलावा दूसरे आरोपी शिल्पी और शरतचंद को भी दोषी माना गया. जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया गया. यह मामला नाबालिग लड़की के यौन शोषण से जुड़ा है. इस मामले में जोधपुर जेल में बनी विशेष कोर्ट में क्या-क्या हुआ जानिए यहां-

जेल में अस्थाई अदालत

सुरक्षा कारणों और आसाराम के भक्तों को मद्देनजर रखते हुए जोधपुर जेल में ही विशेष अदालत लगाई गई. सुनवाई के लिए जज मधुसूदन शर्मा ने सुबह साढ़े 8 बजे का वक्त तय किया था. इसी के अनुसार सुबह कोर्ट की कार्रवाई शुरू हुई. सबसे पहले खुद जज साहब जेल में बनाई गई कोर्ट पहुंचे.

सभी आरोपियों को जज के सामने लाया गया

इसके बाद इस मामले के अन्य सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर जेल लाया गया. जहां अस्थाई अदालत में आसाराम की पेशी की गई. एक-एक कर अदालत ने सारे पहलू सुने. अदालत की कार्रवाई शुरू हुई तो आसाराम वहां मौजूद नहीं थे. जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम को बुलाने के लिए कहा तो बताया गया कि वह पूजा कर रहे हैं.

देरी से जज के सामने आए आसाराम

तय समय से 15 मिनट की देरी से आसाराम जज के सामने पहुंचे. इस दौरान आसाराम के वकील ने कहा कि हम आपके सामने कुछ कहना चाहते हैं. इस पर जज शर्मा ने वकील को कहा कि अब कुछ नहीं सुनना है. केस की सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब केवल निर्णय का समय है.

जज ने ऐसे सुनाया फैसला

इसके बाद जज शर्मा ने अपने स्टैनो से करीब दो पेज टाइप कराए और कुछ देर बाद उन्होंने फैसला सुनाते हुए आसाराम को दोषी करार दे दिया. आसाराम के साथ शिल्पी और शरतचंद को भी जज ने दोषी करार दिया. लेकिन शिवा और प्रकाश की कम उम्र का हवाला देते हुए जज ने उन्हें बरी कर दिया.

फैसला सुनकर आसाराम उदास

फैसला सुनते ही आसाराम का चेहरा का उतर गया. वह काफी मायूस दिख रहा था. इसी दौरान अदालत ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. सरकारी वकीलों ने आसाराम को कड़ी सजा दिलाए जाने को लेकर दलीलें देना शुरू किया और सजा को लेकर बहस शूरू हो गई.

आसाराम ने जज से लगाई गुहार

फैसला सुनने के बाद आसाराम ने जज से कहा कि वह बूढ़ा हो गया है. उस पर रहम किया जाए. लेकिन जज ने उसकी बातों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

कोर्ट में आसाराम के तरफ से 14 वकील

जोधपुर जेल में बनाई गई विशेष कोर्ट में आसाराम की तरफ से वकीलों की फौज बुलाई गई. उनकी पैरवी करने के लिए कोर्ट में 14 वकील मौजूद रहे. जबकि 2 सरकारी वकील पीड़ित पक्ष की तरफ से अदालत में मौजूद थे.

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