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तिहाड़ में बंद नीरज बवानिया के नाम पर मांग रहे थे 2 करोड़ की रंगदारी, दो गिरफ्तार

अपराधी अपनी प्रेमिका के कत्ल के मामले में सजायाफ्ता है और पिछले साल कोरोना के कारण बने हालात में परोल पर जेल से बाहर आया था और इसके बाद वापस जेल नहीं गया. पुलिस ने आरोपी के एक साथी को भी गिरफ्तार किया है.

खुद को नीरज बवानिया गैंग का बता मांग रहे थे रंगदारी खुद को नीरज बवानिया गैंग का बता मांग रहे थे रंगदारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • परोल पर बाहर आकर फरार चल रहा था देवेंद्र
  • नोएडा से हुई मनोज कुमार की गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के बड़े-बड़े बिजनेसमैन से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूल रहा था. पुलिस ने दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहे खूंखार अपराधी को गिरफ्तार किया है.

यह अपराधी अपनी प्रेमिका के कत्ल के मामले में सजायाफ्ता है और पिछले साल कोरोना के कारण बने हालात में परोल पर जेल से बाहर आया था और इसके बाद वापस जेल नहीं गया. पुलिस ने आरोपी के एक साथी को भी गिरफ्तार किया है.

जानकारी के मुताबिक ये दोनों ही तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवानिया के नाम पर दो करोड़ की रंगदारी मांग रहे थे. पुलिस ने घड़ोली के रहने वाले देवेंद्र उर्फ कल्लू और नोएडा सेक्टर 62 के रहने वाले मनोज कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

इस संबंध में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर शिबेश कुमार सिंह ने बताया कि 21 जून को क्राइम ब्रांच की टीम को प्रीत विहार दिल्ली के रहने वाले एक बड़े व्यापारी ने शिकायत की थी कि उनके मोबाइल नंबर पर लगातार कुछ अपराधियों के फोन आ रहे हैं जो खुद को नीरज बवानिया गैंग का सदस्य बताते हुए दो करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं.
  
व्यापारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच स्टार 2 के साथ स्पेशल टास्क फोर्स और एसीपी अरविंद कुमार की टीम को लगाया गया. क्राइम ब्रांच के तेजतर्रार अफसरों ने जल्द ही टेक्निकल सर्विलांस के जरिए अपराधियों की लोकेशन ट्रेस कर ली.

आरोपियों की लोकेशन कभी दिल्ली तो कभी नोएडा, कभी उत्तराखंड दिखाई दे रही थी. इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर नोएडा से मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने 26 तारीख की रात छापेमारी कर दूसरे आरोपी और जेल से परोल पर बाहर आने के बाद फरार चल रहे देवेंद्र उर्फ कल्लू को भी दिल्ली के घड़ोली से गिरफ्तार कर लिया.

दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर शिबेश कुमार सिंह ने बताया कि देवेंद्र उर्फ कल्लू अपनी प्रेमिका के कत्ल के मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था. वह मंडोली जेल में बंद था. 26 जून 2020 को कोरोना के हालात को देखते हुए उसे डेढ़ महीने के लिए परोल पर रिहा किया गया था.

डेढ़ महीने बाद भी देवेंद्र ने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया था. क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि देवेंद्र उर्फ कल्लू ने खुलासा किया है कि चार-पांच साल पहले उसका भाई मनोज प्रीत नगर के इस व्यापारी के साथ वेंडर का काम किया करता था. मनोज ने ही उसे बताया कि व्यापारी के पास करोड़ों रुपये हैं जिसके बाद दोनों ने मिलकर व्यापारी से दो करोड़ की रंगदारी की मांग की थी. 

देवेंद्र ने खुद को नीरज बवानिया गैंग का गैंगस्टर बताते हुए दो करोड़ रुपये मांगे थे. गिरफ्तार आरोपी मनोज नोएडा के सेक्टर 62 का रहने वाला है. मनोज जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर भी रह चुका है. फिलहाल वह बेरोजगार था. जिस व्यापारी से दो करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही थी, मनोज उस कंपनी में मैनपावर सप्लायर का काम भी किया करता था. क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

 

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