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एक मर्डर, 4 स्टेट, 9 टीम और 6629 पन्नों की चार्जशीट... श्रद्धा हत्याकांड में पुलिस ने बताया कत्ल का मकसद

श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस में पुलिस ने 6629 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है. जिसमें दिल्ली पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं. चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस या जांच एजेंसी के पास कानूनन 90 दिन का वक्त होता है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 75 दिनों के भीतर ही चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी.

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श्रद्धा की हत्या का मोटिव भी पुलिस ने चार्जशीट में बताया है
श्रद्धा की हत्या का मोटिव भी पुलिस ने चार्जशीट में बताया है

दिल्ली को दहला देने वाले श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड को लेकर आखिरकार पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी. 6629 पन्नों की चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं. चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस या जांच एजेंसी के पास कानूनन 90 दिन का वक्त होता है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 75 दिनों के भीतर ही चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी. 

दिल्ली पुलिस की संयुक्त पुलिस आयुक्त (साउथ रेंज) मीनू चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस की 9 टीमें बनाई गई थीं. साथ ही एक एसआईटी का गठन किया गया था. इस केस की जांच का दायरा दिल्ली ही नहीं बल्कि चार राज्यों तक फैला था. जिसमें दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश भी शामिल था.

ज्वाइंट कमिश्नर मीनू चौधरी ने बताया कि आफताब ने हत्या के बाद श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे. इसलिए लाश के टुकड़े बरामद करने के लिए अलग टीम बनाई गई थी. उस टीम ने अफताब की निशानदेही पर टुकड़े बरामद किए थे. 

उन्होंने बताया कि आरोपी अफताब अमीन पूनावाला से एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग टीमों ने पूछताछ की. इस केस में पूछताछ के लिए एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया था. मौका-ए-वारदात यानी क्राइम सीन पर एफएसएल (FSL) और सीएफएसएल (CFSL) से भी जांच करवाई गई.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (साउथ रेंज) मीनू चौधरी के अनुसार, इस मामले के आरोपी आफताब का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया. साथ ही गुरुग्राम और दिल्ली से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सबूत के तौर पर लिया गया. यही नहीं आफताब का लैपटॉप, सोशल मीडिया जैसे डिजिटल एविडेंस भी बरामद किए गए. श्रद्धा की लाश को काटने के लिए कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जिनमें से कुछ हथियार पुलिस ने बरामद किए हैं.

ज्वाइंट कमिश्नर मीनू चौधरी के मुताबिक सभी सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. इस मामले में पुलिस ने 150 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. जिनका जिक्र चार्जशीट में किया गया है. 

हत्या का मोटिव 
जार्जशीट के मुताबिक, 17 मई 2022 को श्रद्धा अपने दूसरे दोस्त से मिलने गुरुग्राम गई थी. इसके बाद वो 18 मई 2022 की दोपहर वापस लौटी थी. इस बात को लेकर अफताब नाराज हो गया था. इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हुआ और आफताब ने उसकी हत्या कर दी थी. 

वकील बदलना चाहता है आफताब
आरोपी आफताब अपने वकील से नाराज लग रहा है. वो इस मामले की चार्जशीट अपने वकील को नहीं दिखाना चाहता है. उसने अपना वकील बदलने की बात कर दी है. आफताब की न्यायिक हिरासत 7 फरवरी 2023 तक बढ़ा दी गई है. 

7 फरवरी के बाद आफताब को मिलेगी चार्जशीट
जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में पुलिस ने आफताब का नार्को टेस्ट कराया था. उससे पहले पॉलीग्राफी टेस्ट भी हुआ था. उससे कई तरह के सवाल-जवाब पूछे गए थे, उसी के बाद चार्जशीट तैयार हुई. अब आफताब ने चार्जशीट की एक कॉपी उससे मांगी है. इस पर मजिस्ट्रेट ने साफ कहा है कि 7 फरवरी को इस मांग पर संज्ञान लिया जाएगा. इसके बाद ही आफताब को केस की चार्जशीट मिल पाएगी.

 

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