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ओडिशाः पाकिस्तानी जासूस ईश्वर चंद्र बेहरा को मिली आजीवन कारावास की सजा

बालासोर कोर्ट के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) की अदालत ने गुरुवार को ईश्वर चंद्र बेहरा को सजा सुनाई. वह रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में एक केमरामैन के रूप में काम करता था. उसे देशद्रोह के आरोप में आजीवन कारावास की सजा मिली है.

आईएसआई एजेंट ईश्वर चंद्र बेहरा को साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था आईएसआई एजेंट ईश्वर चंद्र बेहरा को साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बेहरा ने इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में की थी जासूसी
  • आईएसआई को भेजता था जानकारी और तस्वीरें
  • 2015 में किया गया था गिरफ्तार

ओडिशा के बालासोर में अदालत ने पाकिस्तानी जासूस और आईएसआई एजेंट ईश्वर चंद्र बेहरा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. पाक जासूस ईश्वर चंद्र को 2015 में चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) जैसे अतिसंवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठान में जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. वह सरहद पार बैठे अपने ISI हैंडलर्स को रक्षा प्रतिष्ठान की महत्वपूर्ण तस्वीरें और जानकारी भेजता था.

बालासोर कोर्ट के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) की अदालत ने गुरुवार को ईश्वर चंद्र बेहरा को सजा सुनाई. वह रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में एक केमरामैन के रूप में काम करता था. उसे देशद्रोह के आरोप में आजीवन कारावास की सजा मिली है.

पाक जासूस बेहरा को आज बालासोर की एडीजे कोर्ट ने उसके खिलाफ अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर दोषी ठहराया गया. उसके खाते में विभिन्न देशों से पैसा ट्रांसफर किए जाने के सबूत मिले थे. 

दोषी ईश्वर चंद्र बेहरा ओडिशा के मयूरभंज जिले के कांतिपुर गांव का मूल निवासी है. वह 2007 में अनुबंध के आधार पर DRDO में केमरामैन के रूप में भर्ती हुआ था. साल 2014 में उसने अपने आईएसआई हैंडलर को महत्वपूर्ण जानकारी, वीडियो और तस्वीरें साझा करना शुरू की थी. 

अदालत ने उसे आईटीआर में मिसाइलों के परीक्षण की वीडियो और तस्वीरों को बेचने और आईएसआई को गोपनीय जानकारी भेजने का दोषी ठहराया है. उसे आईपीसी की धारा 121ए और 120बी और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत दोषी ठहराया गया था.

शातिर जासूस बेहरा को 23 जनवरी 2015 को गिरफ्तार किया गया था, जब उसके फोन रिकॉर्ड से पता चला कि वह लगातार अपने आईएसआई हैंडलर्स के संपर्क में था. बेहरा कई बार कोलकाता में अपने हैंडलर्स से मिला भी था.
 

 

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