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आलीशान बंगले पर पोर्न शूट, ऐप से कमाई... राज कुंद्रा गैंग ने ऐसा फैला रखा था पोर्नोग्राफी का जाल

बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा का विवादों से पुराना नाता रहा है. आईपीएल फिक्सिंग से लेकर अंडरवर्ल्ड से डील करने तक कई विवादों में राज कुंद्रा का नाम आ चुका है. पोर्नोग्राफी के इस मामले में भी कुंद्रा की गिरफ्तारी की पटकथा इसी साल फरवरी में लिखी गई थी.

राज कुंद्रा इससे पहले भी कई मामलों को लेकर विवादों में रहे हैं राज कुंद्रा इससे पहले भी कई मामलों को लेकर विवादों में रहे हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फरवरी में लिखी गई थी कुंद्रा की गिरफ्तारी की पटकथा
  • पोर्नोग्राफी बिजनेस के लिए था व्हाट्स ग्रुप

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा को गिरफ्तारी के साथ ही एक बड़े गैंग का खुलासा किया है. इस खुलासे के पीछे क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल के अधिकारी पिछले कई महीने से तफ्तीश कर रहे थे. सोमवार की रात पहले राज कुंद्रा से पूछताछ की गई और दूसरी तरफ मलाड पश्चिम के मड गांव में एक किराए के आलीशान बंगले में छापेमारी की गई. इसी दौरान राज कुंद्रा को गिरफ्तार कर लिया गया. सारी कड़ियों को जोड़कर क्राइम ब्रांच ने जो खुलासा किया वो हैरान करने वाला है. आइए बताते हैं कि आखिर ये पूरा मामला है क्या? 

फरवरी में लिखी गई थी कुंद्रा की गिरफ्तारी की पटकथा
बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा का विवादों से पुराना नाता रहा है. आईपीएल फिक्सिंग से लेकर अंडरवर्ल्ड से डील करने तक कई विवादों में राज कुंद्रा का नाम आ चुका है. पोर्नोग्राफी के इस मामले में भी कुंद्रा की गिरफ्तारी की पटकथा इसी साल फरवरी में लिखी गई थी. दरअसल, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच अश्लील फिल्में बनाने वाले गिरोह का सुराग तलाश रही थी. इसी दौरान राज कुंद्रा का नाम पुलिस के सामने आया था. 

पढ़ें-- पोर्नोग्राफी केस में गिरफ्तार राज कुंद्रा, दोषी निकले तो होगी इतनी सजा

जिसके चलते 4 फरवरी 2021 को मुंबई के मालवानी थाने में क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या- 103/2021 दर्ज कराया था. जिसमें उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292, 293, 420, 34 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत धारा 67, 67ए व अन्य संबंधित धाराएं एफआईआर में लगाईं थी. इसमें आईपीसी की धारा 420 और आईटी एक्ट की धारा 67-ए गैर-जमानती हैं. इनमें क्रमशः 7 साल और 5 साल की जेल हो सकती है.

मुकदमा तो फरवरी में दर्ज हो गया था. लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच को तलाश थी एक ऐसे पुख्ता सबूत की, जो राज कुंद्रा को बेनकाब कर सके. क्योंकि उन पर अश्लील फिल्में बनाने और कुछ ऐप्स के जरिए उन्हें प्रसारित और शेयर करने का इल्जाम था. छानबीन मुंबई क्राइम ब्रांच को जो सबूत हाथ लगे, वो राज कुंद्रा की तरफ मुख्य साजिशकर्ता होने का इशारा कर रहे थे. यही वजह थी कि जब सोमवार की रात कुंद्रा को गिरफ्तार किया गया तो मुंबई पुलिस ने कहा कि उनके पास इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं. 

मुंबई क्राइम ब्रांच को इस बात का अंदाजा था कि राज कुंद्रा पर बिना पुख्ता सबूत के हाथ डालना भारी पड़ सकता है. इसलिए क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद यही काम किया. नतीजा ये हुआ कि क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने एक बड़े पोर्न रैकेट का पर्दाफाश कर दिया. ये रैकेट एक पोर्न फिल्म प्रोडक्शन कंपनी की आड़ में चलाया जा रहा था. जहां फिल्मों में ब्रेक देने के बहाने युवा और जरूरतमंद लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए जाते थे. इस केस में क्राइम ब्रांच ने एक बाद एक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनमें से दो अभिनेता, एक लाइट-मैन और दो महिला फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और ग्राफिक डिजाइनर शामिल हैं. 

ऐसा काम करते हैं ये गिरोह 
दरअसल, देशभर के कई नौजवान युवक और युवतियां फिल्म इंडस्ट्री में आकर काम करना चाहते हैं. रोजाना पूरे भारत से लड़के-लड़कियां एक्टर बनने के लिए मायानगरी मुंबई आते हैं. लेकिन सभी को यहां काम नहीं मिलता और ना ही फिल्मों में ब्रेक. ऐसे में इन लोगों को इस्तेमाल मुंबई के ऐसे गिरोह करते हैं, जो फिल्मों और टीवी पर ब्रेक दिलाने के नाम पर लड़कियों को पोर्नोग्राफी की तरफ धकेल देते हैं. उनके अश्लील वीडियो बनाते हैं. 

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मुंबई के उपनगरों और कई इलाको में शूंटिंग के लिए बंगले किराए पर लिए जाते हैं, जहां अश्लील वीडियो फिल्में शूट की जाती हैं. बाद में उन पोर्न फिल्मों को मोबाइल ऐप और कई पोर्न वेबसाइटों पर अपलोड किया जाता है. इस काम से ये गिरोह लाखों रुपये कमाते हैं. इस धंधे में शामिल पोर्न प्रोडक्शन हाउस और कंपनियां भी लाखों की कमाई करती हैं. उन्हें पोर्न वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए अच्छा खासा पैसा मिलता है. 

पोर्न रैकेट से जुड़े दलाल पहले किसी प्रोडक्शन हाउस के तहत शॉर्ट फिल्म, वेब सीरीज या टीवी सीरियल में काम दिलाने के बहाने नौजवान और जरूरतमंद लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं. फिर उनसे वादा करते हैं कि अगर वो कामयाब हुए तो उन्हें सीधे बड़े बजट की बॉलीवुड फिल्मों में ब्रेक मिलेगा. लेकिन उनके साथ होता कुछ और ही है. 

ऐसे खुला राज कुंद्रा का 'राज़'
अश्लील फिल्में बनाने वालों की छानबीन में जुटी मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मलाड पश्चिम के मड गांव में एक किराए के आलीशान बंगले में अश्लील फिल्म की शूटिंग चल रही है. इसी सूचना के आधार पर सेल के एपीआई लक्ष्मीकांत सालुंखे ने अपनी टीम के साथ उस बंगले पर छापेमारी की. टीम ने मौके पर देखा कि एक न्यूड वीडियो की शूटिंग चल रही थी. छानबीन और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि यह शूटिंग मोबाइल एप्लिकेशन के लिए की जा रही थी. जिस पर अश्लील वीडियो अपलोड किए जाते हैं. इन वीडियोज़ को देखने के लिए पैसा देकर मोबाइल एप्लिकेशन की सदस्यता लेनी पड़ती है. 

जांच में पता चला है कि इस गिरोह के पास ऐसे कुछ और मोबाइल एप्लिकेशन भी हैं. ऐसे ही एप के साथ राज कुंद्रा का नाम भी सामने आया. जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले का खुलासा किया तो पता चला कि इस गिरोह से जुड़े आरोपी भी अश्लील वीडियो बनाकर उनके ट्रेलर इंस्टाग्राम, ट्विटर, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया साइटों पर भी जारी करते थे. 

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कोर्ट में राज कुंद्रा की पेशी और रिमांड
सोमवार की रात गिरफ्तारी के बाद मंगलवार की सुबह राज कुंद्रा को कोर्ट में पेश किया गया. जहां राज कुंद्रा को 23 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. अदालत में मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल के वकील ने बताया है कि राज कुंद्रा अश्लील वीडियो बनाकर और उसे बेचते थे, जिससे उन्हें खासा फायदा हो रहा था. कुंद्रा की कंपनी वियान के अकाउंट में काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी पाई गई है. 

वकील ने कोर्ट को बताया कि राज कुंद्रा का मोबाइल फोन सीज कर लिया गया है, जिसकी डिटेल्स को खंगाली जाएंगी. साथ ही राज कुंद्रा और दूसरे आरोपियों के बयानों को क्रॉस चेक किया जाएगा. क्राइम ब्रांच ने अदालत से कहा कि वे राज कुंद्रा और दूसरे आरोपी आईटी एक्सपर्ट रयान जॉन से लंबी पूछताछ करना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा दिनों की पुलिस कस्टडी चाहिए. क्राइम ब्रांच ने तर्क दिया कि कुंद्रा को हिरासत में लिए बिना आगे की जांच नहीं की जा सकती.

पोर्नोग्राफी के लिए व्हाट्स ग्रुप
छानबीन के दौरान क्राइम ब्रांच को एक व्हाट्स ग्रुप के बारे में पता चला. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज कुंद्रा भी व्हाट्स ग्रुप का हिस्सा थे. उस व्हाट्स ग्रुप में पोर्न फिल्मों से जुड़े पूरे बिजनेस को लेकर चर्चा होती थी. उस व्हाट्सग्रुप का नाम 'एच अकाउंट' है, जिसमें राज कुंद्रा समेत कुल पांच लोग शामिल थे. ये सभी लोग पोर्नोग्राफिक कंटेंट बनाने के इस बिजनेस में शामिल थे. जो व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं, उसमें राज कुंद्रा इस बिजनेस की मार्केटिंग, सेल्स और मॉडल्स की पेमेंट से जुड़े मसलों पर बात कर रहे हैं. साथ ही किस तरह रेवेन्यू पर फोकस किया जाए, मॉडल को कैसे पेमेंट दी गई है और किस तरह बिजनेस रेवेन्यू को बढ़ाया जाए. इस ग्रुप के एडमिन भी राज कुंद्रा बताए जा रहे हैं.

पोर्नोग्राफी रैकेट का यूके कनेक्शन
इस पूरे मामले में यूके कनेक्शन भी सामने आ रहा है. क्राइम ब्रांच के सूत्रों से पता चला है कि राज कुंद्रा यूके में रहने वाले प्रदीप बख्शी नामक एक शख्स के साथ काम कर रहे थे. 43 वर्षीय प्रदीप बख्शी असल में राज कुंद्रा का रिश्तेदार है. वो यूके बेस्ड फर्म केनरिन प्रोडक्शन हाउस का डायरेक्टर है. केनरिन लिमिटेड़ कंपनी 16 साल से वजूद में है. इसमें केवल एक एक्टिव डायरेक्टर है, वो हैं प्रदीप बख्शी. उन्हें 1 नवंबर 2008 को इस फर्म के डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया था. इस कंपनी में 10 से भी कम कर्मचारी हैं और इसका टर्नओवर 2 मिलियन पाउंड है. ये फर्म वीडियो प्रोडक्शन एक्टिविटीज और टेलिविजन प्रोग्रामिंग में से जुड़ी थी. सूत्रों के मुताबिक, राज कुंद्रा इस कंपनी में प्रदीप बख्शी के साथ इंडायरेक्टली बिजनेस पार्टनर और निवेशक हैं. 

हॉट शॉट एप पर अपलोड होते थे वीडियो
मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों की मानें तो केनरिन प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि के रूप में उमेश कामत भारत में काम करते हैं. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी और एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ और उमेश कामत केनरिन प्रोडक्शन हाउस के लिए अश्लील फिल्में बनाने में के काम में शामिल थे. पोर्न फिल्म की शूटिंग के बाद तैयार किए गए वीडियो भारतीय एजेंसियों से बचने के लिए एक एप्लिकेशन के जरिए यूके में केनरिन प्रोडक्शन हाउस भेजे जाते थे. एडिटिंग के बाद पोर्न फिल्मों को हॉट शॉट एप्लिकेशन पर अपलोड किया जाता था. 

ऐसे होती थी कमाई 
पोर्नोग्राफी केस की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को पता चला कि केनरिन प्रोडक्शन हाउस कथित तौर पर देशभर में अलग-अलग एजेंटों के जरिए पोर्नोग्राफी और पोर्नोग्राफी फंडिंग का बिजनेस करता था. जांच अधिकारियों के अनुसार, एडवांस पेमेंट मिलने के बाद गहना और कामत अश्लील फिल्में बनाने का काम करते थे और फिर ऐसे कंटेंट को केनिरन प्रोडक्शन हाउस को भेजते थे. जिसके तुरंत बाद, उनके खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाते थे. 

 

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