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Exclusive: मुख्तार को रोपड़ से बांदा लाने वाली एम्बुलेंस भी थी अनफिट, 3 साल से नहीं हुआ था फिटनेस रिन्यू

UP-41-G-2776 ये उस एम्बुलेंस का नंबर है जिससे मुख्तार अंसारी को पंजाब के रोपड़ जेल से बांदा लाया गया.. यह सरकारी एम्बुलेंस भी मुख्तार अंसारी की निजी एम्बुलेंस की तरह बाराबंकी परिवहन विभाग में ही रजिस्टर्ड है. सरकारी एम्बुलेंस में मालिक के नाम में डायरेक्टर जनरल मेडिकल एंड हेल्थ लिखा है. एम्बुलेंस को 20 मई 2015 को खरीदा गया जिसकी फिटनेस 21 मई 2017 तक वैध थी.

बाराबांकी स्वास्थ्य विभाग के एम्बुलेंस से मुख्तार को लाया गया (फोटो- पीटीआई) बाराबांकी स्वास्थ्य विभाग के एम्बुलेंस से मुख्तार को लाया गया (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एम्बुलेंस का फिटनेस 3 साल पहले खत्म हो गया था
  • फिटनेस 21 मई 2017 तक वैध थी
  • बाराबंकी में दौड़ रही है अनफिट एम्बुलेंस

पंजाब के रोपड़ जेल से बांदा जेल पहुंचे मुख्तार अंसारी से एम्बुलेंस और एम्बुलेंस का बाराबंकी कनेक्शन पीछा नहीं छोड़ रहा है. अब जिस एम्बुलेंस से मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल से बांदा जेल पहुंचाया गया वह भी बाराबंकी की ही थी.  आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि सरकारी होने के बावजूद भी ये एम्बुलेंस अनफिट थी, और 3 सालों से इसका फिटनेस रिन्यू नहीं हुआ था.

UP-41-G-2776 ये उस एम्बुलेंस का नंबर है जिससे मुख्तार अंसारी को पंजाब के रोपड़ जेल से बांदा लाया गया.. यह सरकारी एम्बुलेंस भी मुख्तार अंसारी की निजी एम्बुलेंस की तरह बाराबंकी परिवहन विभाग में ही रजिस्टर्ड है. सरकारी एम्बुलेंस में मालिक के नाम में डायरेक्टर जनरल मेडिकल एंड हेल्थ लिखा है. एम्बुलेंस को 20 मई 2015 को खरीदा गया जिसकी फिटनेस 21 मई 2017 तक वैध थी.

यानी मुख्तार अंसारी को रोपड़ से बांदा लाने वाली एंबुलेंस का फिटनेस 3 साल पहले ही खत्म हो चुका था. यह अनफिट है. जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि बाराबंकी परिवहन विभाग में कुल 1662 एम्बुलेंस रजिस्टर्ड है.

इसमें 90 निजी एम्बुलेंस है, 105 एम्बुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की रजिस्टर्ड है. 1467 एम्बुलेंस ऐसी है जो बाराबंकी परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड है लेकिन अन्य जिलों में चल रही हैं. मुख्तार को लाने वाली एम्बुलेंस भी इन्हीं में से एक है जो बांदा सीएमओ के अंदर में दौड़ रही है.

अनफिट थी मुख्तार को लाने वाली एम्बुलेंस

मुख्तार के निजी एम्बुलेंस के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो परिवहन विभाग ने जांच के बाद पाया कि 461 एम्बुलेंस अनफिट हो चुकी हैं लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों में दौड़ रही हैं. अब परिवहन विभाग बाराबंकी सीएमओ के जरिए उन जिलों को नोटिस भेज रहा है जहां यह अनफिट एम्बुलेंस दौड़ रही हैं.

वहीं दूसरी ओर एक ही जिले में 1467 सरकारी एम्बुलेंस के रजिस्ट्रेशन के पीछे बताया जा रहा है कि जब भी किसी योजना के तहत सरकार ज्यादा संख्या में गाड़ियां खरीदती है तो उनका रजिस्ट्रेशन ऐसे ही कई जिलों में एक साथ करवाया जाता है. यह एम्बुलेंस भी पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में रजिस्टर्ड हुई थी.

इस एम्बुलेंस से हुआ मामले का खुलासा

अब बात उस एम्बुलेंस की भी करते हैं जिससे यह पूरा मामला उजागर हुआ. रोपड़ जेल से मोहाली कोर्ट मुख्तार अंसारी जिस बाराबंकी नंबर की एम्बुलेंस से पहुंचा था उसको बाराबंकी पुलिस पंजाब से ले आई है. 

UP41AT 7171 नंबर की एम्बुलेंस बाराबंकी पुलिस की केस प्रॉपर्टी है और बाराबंकी पुलिस लाइन में खड़ी है. टेक्निकल जांच के लिए जब एम्बुलेंस खोली गई तो अंदर का हाल सवाल खड़े करने वाला था. 

इस एम्बुलेंस का पंजाब में इस्तेमाल करता था मुख्तार

एंबुलेंस के अंदर से कुछ दवाइयां मिली जो 2019 में एक्सपायर हो चुकी थी. मरीज के लेटने के लिए जो सीट थी वह जैक से टिकी थी, तो वहीं दूसरी सीट को पूरी तरह से जाम कर दिया गया था. अंदर जो ऑक्सीजन सिलेंडर था वह भी बेहद पुराना मिला. 8 सालों में मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस 81000 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुकी है.

मुख्तार अंसारी की निजी एम्बुलेंस के इस हाल पर सवाल खड़े होते हैं कि क्या यह वही एम्बुलेंस है जिससे मुख्तार अंसारी पंजाब में चल रहा था? कहीं पंजाब से बाराबंकी पहुंचने से पहले इसमें कोई बड़ा खेल तो नहीं किया गया. 

हमने यह सवाल एसपी बाराबंकी से भी पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि यह वही एम्बुलेंस है जिसका मुख्तार अंसारी पंजाब में इस्तेमाल कर रहा था. मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस बुलेट प्रूफ नहीं है टेक्निकल रिपोर्ट में आ चुकी है. इस एम्बुलेंस में एक तब्दीली की गई वह थी एसी की. मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस में एसी लगी हुई था जो गैर कानूनी है.


 

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