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गोरखपुर: कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में आरोपी पुलिसकर्मी राहुल दुबे और प्रशांत कुमार गिरफ्तार

कारोबारी मनीष गुप्ता की कथित हत्या के मामले में मंगलवार को सब इंस्पेक्टर राहुल दुबे व कांस्टेबल प्रशांत कुमार को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है. इससे पहले रविवार को पुलिस ने दो आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है.

दो आरोपी पुलिस वाले गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो) दो आरोपी पुलिस वाले गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दो आरोपी पुलिस वाले गिरफ्तार
  • मनीष गुप्ता हत्याकांड में हैं आरोपी

यूपी के गोरखपुर में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की कथित हत्या के मामले में मंगलवार को सब इंस्पेक्टर राहुल दुबे व कांस्टेबल प्रशांत कुमार को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है. इससे पहले रविवार को पुलिस ने दो आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था.

इसमें से एक पुलिसकर्मी घटना के समय एसआई के पद पर तैनात था, जबकि दूसरा इंस्पेक्टर के पद पर था. गिरफ्तार किए गए एक आरोपी का नाम इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दूसरे का नाम एसआई अक्षय मिश्रा है. मनीष गुप्ता मामले में दोनों पुलिसकर्मियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. दोनों को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया. इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को कानपुर एसआईटी के हवाले कर दिया गया. 

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर के एक होटल में ठहरे हुए थे, जब पुलिसकर्मी उनके कमरे में दाखिल हो गए थे. इसके बाद उन्होंने कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इस मामले में गोरखपुर के छह पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है. घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार हो गए थे. 

सभी आरोपियों के फरार होने को लेकर विपक्ष यूपी पुलिस पर निशाना साध रही थी. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर में कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि इसके पीछे 'वसूली तंत्र' से जुड़े होने की पूरी आशंका है. 

और पढ़ें- मनीष गुप्ता हत्याकांड: फरार चल रहे पुलिसकर्मियों पर 25 हजार से बढ़ाकर 1 लाख किया गया इनाम

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, "'मनीष गुप्ता हत्याकांड' में पुलिसवालों की गिरफ्तारी नहीं होना ये दर्शाता है कि वो फरार नहीं हुए हैं उन्हें फरार कराया गया है. दरअसल कोई आरोपियों को नहीं बल्कि खुद को बचा रहा है क्योंकि इसके तार 'वसूली-तंत्र' से जुड़े होने की पूरी आशंका है. 'जीरो टालरेंस' भी भाजपाई जुमला है.'
 
क्या है मामला?

गौरतलब है कि गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल इलाके में पुलिस ने एक होटल में तलाशी ली थी. आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति के पहचान पत्र के आधार पर होटल के एक कमरे में रुके तीन व्यवसायियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने उन्हें मारा पीटा था. सिर में चोट लगने से उनमें से मनीष गुप्ता (36) नामक कारोबारी की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी. मामले में आरोपी सभी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. घटना के वक्त गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ होटल में ठहरे हुए थे.

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