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पुलिस ने पेश की इंसानियत की मिसाल, इलाज के लिए ऐसे की सिपाही की मदद

यूपी पुलिस एक तरफ एनकाउंटर के जरिए सूबे से बदमाशों के सफाया कर रही है, तो दूसरी तरफ मानवता के मिसाल भी पेश कर रही है. कई बार गरीबों, कमजोरों और निरीह लोगों के लिए पुलिस की मदद वरदान साबित हो जाती है.

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सिपाही कपिल कुमार को चेक सौंपते एसएसपी अखिलेश कुमार
सिपाही कपिल कुमार को चेक सौंपते एसएसपी अखिलेश कुमार

यूपी पुलिस एक तरफ एनकाउंटर के जरिए सूबे से बदमाशों के सफाया कर रही है, तो दूसरी तरफ मानवता के मिसाल भी पेश कर रही है. कई बार गरीबों, कमजोरों और निरीह लोगों के लिए पुलिस की मदद वरदान साबित हो जाती है. कुछ ऐसा ही उदाहरण यूपी के इटावा में देखने को मिला. जहां एक सिपाही के इलाज के लिए पुलिस महकमा एक हो गया.

जानकारी के मुताबिक, इटावा में तैनात एक सिपाही कपिल कुमार की दोनों किडनी खराब हो चुकी है. उन्हें इलाज के लिए काफी पैसों की जरूरत है. उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से मरीज सिपाही आगे के इलाज के लिए असमर्थ था. ऐसे में उनकी पीड़ा महकमे के मुखिया के सामने आई.

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इटावा के एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया के पहल पर पूरे जिले की पुलिस एक हो गई और अपने साथी को बचाने के लिए आगे आई. इस तरह हर पुलिसकर्मी ने अपने एक दिन का वेतन कपिल को देने के लिए हामी भर दी. करीब 4 लाख रुपये एकत्रित हो गए. इसके बाद एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने मरीज सिपाही को बुलाकर चेक सौंप दिया.

सिपाही कपिल कुमार टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात हैं. वह मूलत: गाजियाबाद के रहने वाले हैं. अभी तक के इलाज में उनके 20 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं. ऐसे में इलाज और परिवार का खर्च एक साथ चलाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है. इस मुश्किल की घड़ी में साथी पुलिसकर्मियों की ये मदद उनके लिए राहत बनकर सामने आई है.

बताते चलें कि आईपीएस अफसर अखिलेश कुमार चौरसिया ने इससे पहले भी इस तरह की मिसाल पेश की है. पिछले साल झांसी में तैनाती के दौरान उन्होंने एक होमगार्ड के बेटे के इलाज के लिए इसी तरह की मदद की थी. होमगार्ड के 18 साल के बेटे की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं. उसे पुलिस महकमे की तरफ से 1.5 लाख रुपये की मदद दी गई थी.

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