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हरियाणाः पतियों की जमीन कब्जाना चाहती थीं पत्नियां, अपनी ही खूनी साजिश में फंसकर पहुंचीं जेल

पोस्टमार्टम से पता चला कि नहर में मिली लाश महज़ डूबने से हुई मौत का नतीजा नहीं, बल्कि क़त्ल की किसी भयानक वारदात का अंजाम है. क्योंकि अव्वल तो लाश का चेहरा जला हुआ था और दूसरा लाश के गले में बेल्ट या रस्सी जैसी किसी चीज़ से घोंटे जाने के निशान भी थे.

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पुलिस ने इस मामले में दो सगी बहनों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है पुलिस ने इस मामले में दो सगी बहनों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दो सगी बहनों ने की थी दो सगे भाईयों से शादी
  • एक भाई के पास था लाखों रुपये का प्लॉट
  • जमीन कब्जाने के लिए पत्नियों ने बनाया था प्लान

दो बहनों की शादी एक ही घर में दो भाईयों से हुई थी. उनमें से एक भाई के नाम पर एक प्लॉट था. पत्नी चाहती थी कि वो उस प्लॉट को बेच दे. लेकिन पति इसके लिए तैयार नहीं था. तब दोनों बहनों ने मिलकर ये तय किया कि वो उस पति को ही रास्ते हटा देंगी. दोनों बहनों में से एक का एक प्रेमी भी था. उस प्रेमी को अब प्लान में शामिल किया गया. उसे कहा गया कि वो उसके पति का कत्ल कर दे तो वो उससे शादी कर लेगी. इसके बाद जो कुछ हुआ उसे जानकर पुलिस भी हैरान रह गई.

21 सितंबर 2021

हरियाणा के पानीपत शहर से होकर गुज़रनेवाली दिल्ली पैरलल नहर में एक लाश बहती हुई दिखाई देती है. खबर मिलते ही पुलिस मौके पर आती है और लाश को बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाती है. इसी के साथ उसकी शिनाख़्त की कोशिशें तेज़ कर दी जाती हैं. लेकिन इस कोशिश का कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि लाश की पहचान करनेवाला कोई भी सामने नहीं आता. 

उधर, पोस्टमार्टम से पता चला कि नहर में मिली ये लाश महज़ डूबने से हुई मौत का नतीजा नहीं, बल्कि क़त्ल की किसी भयानक वारदात का अंजाम है. क्योंकि अव्वल तो लाश का चेहरा जला हुआ है और दूसरा लाश के गले में बेल्ट या रस्सी जैसे किसी चीज़ से घोंटे जाने के भी निशान भी हैं. फिर लाश की पहचान नहीं होने पर आख़िरकार पुलिस सामाजिक संगठनों की मदद से इसका अंतिम संस्कार करवा देती है.

14 जनवरी, 2022

जिस लाश की शिनाख्त के लिए पुलिस अब तक इंतज़ार ही कर रही थी, उस मामले में 14 जनवरी को अचानक एक नया ट्विस्ट आ जाता है. पानीपत पुलिस के पास सोनू नाम की एक महिला अपनी शिकायत लेकर पहुंचती है. वो पुलिस को बताती है कि दीपक नाम के एक नौजवान ने 19 सितंबर को उसके पति अशोक को अगवा कर लिया था और रंजिश के चलते उसी ने अशोक की हत्या की है. सबूत के तौर पर दीपक ने अशोक के क़त्ल का एक वीडियो भी बनाया है. जो उसके पास मौजूद हैं. ये सुनते ही पुलिस के कान खड़े हो जाते और वो फौरन दीपक को गिरफ्तार कर लेती है. पुलिस दीपक के पास से अशोक के क़त्ल का वो वीडियो भी बरामद कर लेती है, जो उसने क़त्ल के दौरान पर शूट किया था. 

दीपक ने किया चौंकानेवाला खुलासा

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद दीपक जो कहानी सुनाता है, वो पुलिसवालों का भी दिमाग़ भी घुमा देती है. दीपक पुलिस को बताता है कि उसका सोनू की शादीशुदा बहन उषा से अफ़ेयर है और ये कत्ल उसने खुद अपनी तरफ से नहीं बल्कि सोनू और उषा यानी दोनों बहनों के कहने पर किया है.

असल में ये दोनों बहनें अपने पतियों अशोक और उसके भाई राजू के एक प्लॉट और प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करना चाहती थी और इसी वजह से दोनों ने ना सिर्फ उसे अशोक के कत्ल के लिए तैयार कर लिया, बल्कि उषा ने कहा कि अगर वो अशोक का क़त्ल कर देता है, तो वो अपने पति को छोड़ कर उसके साथ शादी कर लेगी. 

सोनू और उषा के कहने पर बनाया था कत्ल का वीडियो

चूंकि दीपक उषा से किसी भी क़ीमत पर शादी करना चाहता था, इसलिए उसने ना सिर्फ 19 सितंबर को अशोक को अगवा कर उसकी जान ले ली. बल्कि दोस्तों के साथ मिल कर उसका कत्ल करने के बाद पहचान छुपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया. और लाश नहर में फेंक दी. और तो और उसने सोनू और उषा के कहने पर ही सबूत के तौर पर इस कत्ल का एक वीडियो भी शूट किया था. लेकिन इस कत्ल के बाद दीपक तब सकते में आ गया, जब दोनों बहनों ने उसके सामने एक और कत्ल करने की अजीबोग़रीब और भयानक शर्त रख दी. दीपक अगर ये शर्त मान लेता, तो शायद ये राज़ कभी बाहर नहीं आता. 

अपने ही जाल में फंस गई दोनों बहनें

लेकिन जब दीपक ने दूसरा क़त्ल करने से मना कर दिया, तो सोनू और उषा दीपक को फंसाने के इरादे से पुलिस के पास पहुंच गई. इसी वजह से दोनों बहनें उसे कत्ल के इस मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है. यहां तक तो कहानी साफ़ थी. पुलिस ने दीपक और क़त्ल में उसका साथ देनेवाले दोस्तों के साथ-साथ सोनू और उषा को भी साज़िश रचने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया. 

किसका होना था दूसरा कत्ल?

मगर सवाल ये था कि दूसरे कत्ल की वो शर्त क्या थी, जिसे दीपक ने मानने से इनकार कर दिया. दूसरा कत्ल किसका होनेवाला था? सुनेंगे तो हैरान हुए बगैर नहीं रहेंगे. अभी असली कहानी का सामने आना बाक़ी थी. सोनू और उषा दूसरा क़त्ल किसका करवाना चाहती थी और क्यों? तो पूछताछ में इसका जवाब भी दीपक ने ही दिया.

दीपक ने किया दूसरे कत्ल से इनकार

असल में दीपक ऊषा से प्यार करता था. लेकिन ऊषा और उसकी बहन सोनू ने कहा कि अगर वो सोनू के पति अशोक का क़त्ल कर दे, तो फिर ऊषा उससे शादी कर लेगी, लेकिन कत्ल के बाद दोनों बहनों ने नई शर्त रख दी. दोनों ने कहा कि अशोक की तरह ही अब उसे ऊषा के पति राजू का भी कत्ल करना होगा. क्योंकि राजू का कत्ल किए बगैर वो दोनों बहनें अशोक और उसके भाई राजू की प्रॉपर्टी नहीं हथिया सकेगी. लेकिन पहले ही एक कत्ल कर चुका दीपक दूसरे कत्ल के लिए तैयार नहीं हुआ. उसने कहा कि अब वो किसी भी क़ीमत पर राजू का कत्ल नहीं करेगा. फिर चाहे ऊषा उससे शादी करे या फिर ना करे. 

बच गई बेगुनाह राजू की जिंदगी

और बस यही वो बात थी, जिससे दीपक के साथ सोनू और ऊषा नाम की दोनों बहनों की अनबन हो गई. दोनों ने पहले तो अशोक के कत्ल में उसे फंसा देने की धमकी देकर उससे राजू का कत्ल करवाने की कोशिश की. लेकिन जब दीपक दूसरा कत्ल नहीं करने पर अड़ा रहा, तो दोनों पुलिस के पास पहुंच गई. दोनों ने अशोक के क़त्ल में दीपक को फंसाने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन उनकी चालाकी उन्हीं पर भारी पड़ गई. दीपक के मुंह खोल देने से दोनों बहनें भी क़त्ल के मामले में फंस कर जेल चली गई. और इस तरह अशोक के बेगुनाह भाई राजू की ज़िंदगी भी बाल-बाल बच गई.

 

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