राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमण के खतरे के बावजूद महिला पुलिस की टीम ने सेंट्रल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पेट्रोलिंग की. खतरे की परवाह किए बिना पेट्रोलिंग करती टीम मानो यह संदेश दे रही हो कि डर के आगे ड्यूटी है.
पेट्रोलिंग की ड्यूटी पर निकलीं इन महिला पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को भी उनकी सेहत की फिक्र है, लेकिन जिम्मेदारी और फर्ज उनके लिए डर से आगे है. ऐसी ही एक महिला पेट्रोलिंग टीम में शामिल रहीं कॉन्स्टेबल रूपा ने आजतक से बात करते हुए अपने अनुभव साझा किए.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
लॉकडाउन के दौरान पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल रूपा ने बताया, "गश्त के दौरान हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे घरों में रहें. सड़कों पर न निकलें. कई लोग मान जाते हैं, लेकिन कई जगह पर लोग ऐसे मिलते हैं जो अच्छा बर्ताव नहीं करते, कई जगह लोग कहते हैं जो होगा हमें होगा आपको उससे क्या. ऐसे में हम उन्हें समझाते हैं कि खतरा कितना बड़ा है."रूपा ने बताया कि जब वह ड्यूटी से घर पहुंचती हैं, तो खुद को साफ सुथरा करने के बाद ही परिवार के साथ बैठती हैं. हमने उनसे यह भी पूछा कि क्या उन्हें भी इस संक्रमण के खतरे से डर लगता है? उन्होंने जवाब दिया कि जिम्मेदारी इतनी बड़ी है कि घर की परवाह किए बिना वह अपना काम कर रही हैं.
ऐसी ही एक अन्य महिला पुलिसकर्मी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, "ज्यादातर जगह हम लोगों से अपील करते हैं, लेकिन जब हालात ठीक नहीं होते तब हमें शक्ति भी दिखानी पड़ती है. हमारी कोशिश रहती है कि लोग घरों में ही रहें, जिससे हम उनकी ही जान बचा सकें."
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
दिल्ली पुलिस की यह महिला पुलिसकर्मी उन योद्धाओं में हैं जिनकी कोशिश सिर्फ इतनी है कि लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन करें, जिससे संक्रमण के खतरे से लोगों को बचाया जा सके.