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बीजापुर हमलाः तीन दिन बाद भी लापता है जवान, 5 साल की बेटी बोली- मेरे पापा जल्दी वापस आ जाएं

जम्मू के जवान राकेश्वर सिंह मनहास 3 अप्रैल से ही लापता हैं. आशंका जताई जा रही है कि उन्हें माओवादियों ने बंधक बना लिया होगा. हालांकि, अभी उनकी तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

सीआरपीएफ के जवानों ने लापता जवान के परिवार वालों से बात की. सीआरपीएफ के जवानों ने लापता जवान के परिवार वालों से बात की.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 3 अप्रैल को बीजापुर में हुआ था नक्सली हमला
  • हमले में 22 जवान शहीद, एक अब भी लापता
  • लापता जवान की बेटी का वीडियो सामने आया

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए. लेकिन हमले के तीन दिन बाद भी जम्मू के राकेश्वर सिंह मनहास नाम के जवान अब भी लापता हैं. हमले की खबर के बाद से ही घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. इस बीच जवान राकेश्वर की 5 साल की बेटी का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में बच्ची ने रोते-बिलखते अपने लापता पापा की वापसी की गुहार लगाई है. जवान राकेश्वर सिंह की बेटी वीडियो में कहती हैं, "मेरे पापा जल्दी वापस आ जाएं." इसके बाद बच्ची रोने लगती है. लापता जवान की पत्नी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से उनकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है.

35 साल के राकेश्वर सिंह 3 अप्रैल से ही लापता हैं और अब तक उनके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है. तीन दिन से जवान की तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका है. आशंका जताई जा रही है कि उन्हें माओवादियों ने बंधक बना लिया होगा. सूत्रों ने बताया कि इसको लेकर कुछ इनपुट तो मिले हैं, लेकिन अभी तक माओवादियों की तरफ से न कोई फिरौती मांगी गई है और न ही मांडवाली के लिए कोई फोन आया है. हालांकि, कुछ स्थानीय पत्रकारों ने जवान के बंधक होने का दावा किया है. एक स्थानीय नागरिक ने भी सोमवार को दावा किया कि उसके पास एक कॉल आया था, जिसने अपना नाम हिडमा बताया था और उसने बताया था कि जवान सुरक्षित है, लेकिन माओवादियों के कब्जे में है. ये हिडमा वही नक्सल कमांडर है, जिसे पकड़ने सुरक्षाबल गए थे. 

इस बीच सीआरपीएफ ने लापता जवान के घर पर एक जवान को भेजकर पूरी स्थिति साफ की. परिवार वालों को बता दिया गया है कि पत्रकार और स्थानीय लोगों के दावे का पता लगाया जा रहा है. जवान की पत्नी ने फोन पर छत्तीसगढ़ के एक स्थानीय पत्रकार से बात भी की है. पत्रकार ने उनकी पत्नी से एक अपील वीडियो भेजने को कहा है.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली कमांडर हिडमा के छिपे होने की जानकारी सुरक्षाबलों को मिली थी. जिसके बाद सुरक्षाबलों ने बीजापुर और सुकमा बॉर्डर पर पड़ने वाले जोनागुडा इलाके में ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन तभी नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. नक्सलियों ने तीन तरीके से सुरक्षाबलों पर हमला किया. पहला बुलेट से, दूसरा नुकिले हथियारों से और तीसरा देसी रॉकेट लॉन्चर से. इस हमले में 200 से 300 नक्सलियों के शामिल थे. इस हमले में 22 जवानों के शहीद होने की पुष्टि हो चुकी है. एक जवान अब भी लापता है. 31 जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. करीब 15 नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है. 

 

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