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समस्तीपुरः पूर्व जदयू सांसद के भाई की हत्या का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

जदयू के जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद के भाई सुनील कुमार सीएसपी चलाते थे. 7 जून को वह बैंक से रुपया निकाल कर जा रहे थे. उसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी. क्योंकि मामला सत्तापक्ष के जिलाध्यक्ष के भाई का था, लिहाजा पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की और बहुत जल्द ही कामयाबी हासिल कर ली.

पुलिस ने मुख्य आरोपियों समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है पुलिस ने मुख्य आरोपियों समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से खुला मामला
  • लूट की वारदात के दौरान की गई थी हत्या
  • हथियारों के साथ पकड़े गए चारों आरोपी

बिहार के समस्तीपुर जिले में जदयू नेता और पूर्व सांसद के भाई की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं. साथ ही पुलिस ने मृतक का बैग, आधार कार्ड और कुछ नकदी भी इन बदमाशों के कब्जे से बरामद की है. इस हत्याकांड को लूट के लिए अंजाम दिया गया था.  

जदयू के जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद के भाई सुनील कुमार सीएसपी चलाते थे. 7 जून को वह बैंक से रुपया निकाल कर जा रहे थे. उसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी. क्योंकि मामला सत्तापक्ष के जिलाध्यक्ष के भाई का था, लिहाजा पुलिस ने इस मामले तेजी से कार्रवाई की और बहुत जल्द ही कामयाबी हासिल कर ली. घटना को अंजाम देने वाले दीपक झा और राहुल कुमार को उनके दो साथियों समेत गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं.
 
मृतक का पिटठू बैग, आधार कार्ड और कुछ रुपये भी इन बदमाशों के कब्जे से मिलें हैं. इस घटना में शामलि अन्य तीन अपराधियों की पहचान भी हो गई है. पुलिस जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की बात रह रही है. इस हत्याकांड के दौरान 3 लाख 60 हजार रुपये लूटे गए थे. पकड़े गए सभी अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाए हैं. 

पढ़ें-- प्रतापगढ़ः पत्रकार हत्याकांड की जांच के लिए विशेष टीम का गठन, FSL टीम भी जुटा रही सुराग

बताते चलें कि बीती 7 जून को जदयू की पूर्व सांसद और सह जिलाध्यक्ष अश्वमेध देवी के छोटे भाई सुनील कुमार की बदमाशों ने सरायरंजन थाना क्षेत्र में लूट के दौरान हत्या कर दी थी और उनसे 3 लाख 60 हजार रुपये लूट लिए थे. इस हत्याकांड से गुस्साए लोगों ने सड़क भी जाम कर दी थी. सत्ताधारी पार्टी के जिलाध्यक्ष के भाई की हत्या ने राजनीति माहौल को गर्मा दिया था. समस्तीपुर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया था. 

एसटीएफ टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने पहले सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर छापेमारी कर दो अपराधी को धर दबोचा फिर उनकी निशानदेही पर अन्य दो अपराधी भी पकड़े गए. हालांकि इस कांड में शामिल दो अन्य अपराधी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं. 

सदर डीएसपी प्रीतीश कुमार ने बताया कि हत्याकांड में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, लूटी गई राशि में से 20 हजार रुपये, दो देसी कट्टे, तीन जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं. इस हत्याकांड का स्पीडी ट्रायल करा कर अपराधियों को सज़ा दिलाई जाएगी.

 

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