दिल्ली के बुराड़ी में बीते दिनों हुए गैंगवार के बाद अब दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू किया है. जिस तरह बुराड़ी में सरेआम 23 गोलियां चलाई गईं, उससे पूरा इलाका दहशत में है. मामला इतना संगीन था कि गृह मंत्रालय को हस्तक्षेप करना पड़ा. अब गृह मंत्रालय के निर्देश पर पुलिस ने दिल्ली के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर्स पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है.
पुलिस का कहना है कि बुराड़ी में हुए गैंगवार में गोली चलाने वालों गोगी गैंग का सरगना जितेंद्र गोगी खुद मौजूद था. बता दें कि जितेंद्र गोगी दिल्ली पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर है. पुलिस ने अब दिल्ली के इन मोस्ट वांटेड गैंगस्टर्स की धर-पकड़ के लिए नई रणनिती पर काम शुरू कर दिया है. बुराड़ी गैंगवार के बाद अब दिल्ली पुलिस के निशाने पर 10 मोस्ट वांटेड गैंगस्टर्स हैं. आइए जानते हैं कौन हैं ये मोस्ट वांटेड गैंगस्टर्स, जिन्होंने दिल्ली की जनता और पुलिस की नींद हराम कर दी है.
मोस्टवांटेड नंबर 1- दिल्ली के अलीपुर गांव का रहने वाला जितेंद्र गोगी 15 से ज्यादा संगीन वारदातों को अंजाम दे चुका है. जितेंद्र गोगी ने साल 2009 में अपराध की दुनिया मे कदम रखा. क्राइम की दुनिया में कार चोरी से अपना करियर शुरू करने वाले जितेंद्र गोगी ने जल्द ही हथियार थाम लिए और लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया.
साल 2016 में जितेंद्र गोगी हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था और अभी भी पुलिस के हाथ से बाहर चल रहा है. 32 साल के इस मोस्ट वांटेड गैंगस्टर पर 2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित है.
मोस्टवांटेड गैंगस्टर नंबर 2- हरियाणा के हिसार का रहने वाला 40 साल का संदीप ढिल्लू रेसलिंग में अपना कैरियर बनाना चाहता था. रेसलिंग के दौरान ही इसकी मुलाकात कुछ बदमाशों से हुई, जिसके बाद इसने कारोबारियों से रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया. 2004 में संदीप ढिल्लू यूपी के धर्मेंद्र प्रधान गैंग में शामिल हो गया. संदीप ढिल्लू अब तक हत्या, रंगदारी और लूट की करीब 2 दर्जन वारदातों को अंजाम दे चुका है.
दिल्ली आने के कुछ समय बाद संदीप अप्रैल साल 2017 में मियांवाली नगर इलाके में गैंगवार में मारे गए मोनू दरियापुर के साथ काम करने लगा. संदीप और मोनू दरियापुर ने कारोबारियों को धमका कर उनसे करोड़ों रुपये वसूले. फिलहाल मोनू दरियापुर के कत्ल के बाद से संदीप ढिल्लू अंडरग्राउंड है. इसके नेपाल में छिपे होने की खबर है. संदीप ढिल्लू पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित है.
मोस्टवांटेड गैंगस्टर नंबर 3- नार्थ ईस्ट दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर छेनू का दाहिना हाथ है हाशिम. छेनू के जेल जाने के बाद से हाशिम ही उसका गैंग ऑपरेट कर रहा है. छेनू गैंग और नासिर गैंग के बीच अक्सर गैंगवार होता रहता है. पिछले साल ही जुलाई में हाशिम के इशारे पर नासिर गैंग के खासमखास आसिफ को गोलियों से भून दिया गया था. 17 जुलाई को दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में हुए गैंगवार में जिस तरह से गलियों में गोलियां चलीं थी उस तरह के गैंगवार की तस्वीरें इससे पहले सिर्फ बॉलिवुड की फिल्मों में ही देखने को मिलती थीं.
इस गैंगवार के बाद भी दिल्ली गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को शख्त हिदायत दी थी. गैंगवार में 2 बाइक पर सवार 4 बदमाश आसिफ नाम के लड़के के लिए मौत बनकर आये बाइक पर सवार हाशिम बाबा के गुर्गों ने गलियों में घूम घूम के फायरिंग की थी. 32 साल के हाशिम पर हत्या, जबरन उगाही, लूट के दर्जनभर से ज्यादा मामले दर्ज हैं और उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित है.
मोस्टवांटेड गैंगस्टर नंबर 4- दिल्ली की मोस्टवांटेड लिस्ट में चौथे पायदान पर है समुन्द्र खत्री. नरेला के रहने वाले समुन्द्र ने 2007 में क्राइम की दुनिया में कदम रखा. 2015 में दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल जितेंद्र खत्री के कत्ल के बाद समुन्द्र सुर्खियों में आया. जेल से बाहर आने के बाद इसने अगले ही दिन कांस्टेबल जितेंद्र को उसके घर के ठीक सामने गोली मार दी थी. कांस्टेबल जितेंद्र के कत्ल के आरोप में पुलिस ने समुन्द्र खत्री को मोस्ट वांटेड घोषित कर दिया.
इसके बाद समुन्द्र खत्री ने जबरन उगाही के लिए कई केबल ऑपरेटरों पर जानलेवा हमले भी किए. फिलहाल, समुन्द्र खत्री जितेंद्र गोगी गैंग के लिए काम करता है और उत्तराखंड में किसी अनजान जगह अपना बेस बनाए हुए हैं. 33 साल के समुन्द्र पर 2 लाख रुपये का इनाम है.
मोस्टवांटेड गैंगस्टर नंबर 5- राजेश पोचनपुरिया उर्फ मोनू पर दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम रख रखा है. रोहित पोचनपुरिया करीब 10 साल पहले क्राइम की दुनिया में आया और उसके बाद मोनू पोचनपुरिया नाम से अपना अलग गैंग बना लिया. करीब एक महीना पहले रोहित पोचनपुरिया ने नजफगढ़ के रहने वाले पवन मान उर्फ पोना और उसके एक साथी को द्वारका में सरेआम गोलियों से भून दिया था.
दरअसल, रोहित पोचनपुरिया को शक था कि पावन उसके विरोधी गुट में शामिल हो गया है. बस फिर क्या था, राजीव ने अपने साथियों के साथ मिलकर पवन और उसके दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी. ये वो पांच टॉप मोस्ट गैंगस्टर हैं, जो इस वक़्त दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बन हुए हैं. इसके अलावा 6 और नाम हैं जिनकी तालाश में पुलिस अलग-अलग राज्यों की खाक छान रही है.
जितेंद्र गोगी के गुर्गे कुलदीप फज्जा ने भी दिल्ली पुलिस की टॉप 10 की लिस्ट में जगह बना ली है. फज्जा दिल्ली यूनिवर्सिटी से साइंस ग्रैजुएट है और किसान परिवार से है. 2014 में फज्जा ने विरोधी गैंग के विकास की हत्या कर दी थी और फरार हो गया था.
नीरज बवाना गैंग का विरोधी अशोक प्रधान भी पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है. साल 2017 में उसने झज्जर कोर्ट परिसर में कला असोदिया की हत्या कर दी थी. इसके जवाब में बवाना गैंग ने अशोक प्रधान के आदमी राजेश दुरमुत को मार डाला था.
इनके अलावा, मुंडका का संजय लाकड़ा हत्या और लूट के मामलों में वान्टेड है. बाद में उसने उगाही और जमीन हड़पने का काम भी शुरू कर दिया. उसने किशन पहलवान के गैंग के सदस्य के तौर पर काम शुरू किया था, जो तीन साल पहले अरेस्ट हुआ और बेल मिलने के बाद फरार हो गया. कुख्यात क्रिमिनल सोनू दरियापुर के लिए काम करने वाला संजय लाकड़ा, मोनू दरियापुर और उसकी पत्नी पर साल 2006 में पंजाबी बाग इलाके में हमले का भी वांछित अपराधी है.
इसके अलावा जितेंद्र गोगी गैंग का सक्रिय गुर्गा कुलदीप मान, 2 लाख का इनामी बदमाश महेश ठेकेदार, 1 लाख का इनामी परमजीत दलाल उर्फ मोनू और 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रोहित मोई भी पुलिस के टार्गेट पर हैं.