मध्य प्रदेश का आदिवासी बहुल जिला झाबुआ एक बार फिर 'तालिबानी इंसाफ' को लेकर सुर्खियों में है. यहां एक 32 वर्षीय महिला को अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ जाने की ऐसी सजा दी गई, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. महिला के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि सार्वजनिक रूप से उसकी गरिमा को तार-तार कर दिया गया.
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला की शादी 12 साल पहले हुई थी. उसके दो बच्चे भी हैं. आरोप है कि उसका ससुर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था. मारपीट से तंग आकर महिला ने अपना घर छोड़ दिया और अपने प्रेमी के साथ रहने चली गई. लेकिन समाज के 'कथित ठेकेदारों' को यह रास नहीं आया. समुदाय की बैठक बुलाई गई.
महिला को जबरन अपने पति के पास लौटने का फरमान सुनाया गया. वो जब वापस लौटी, तो उसके साथ खौफनाक खेल खेला गया. भीड़ के बीच महिला के कपड़े फाड़ दिए गए और उसके बाल मुंडा दिए गए. जुल्म यहीं नहीं रुका, सजा के तौर पर महिला को मजबूर किया गया कि वह अपने पति को अपने कंधों पर उठाए. पूरे गांव के सामने पैदल चले.
इस दौरान लोग तमाशा देखते रहे कुछ लोग इस दरिंदगी का वीडियो बना लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया ने बताया कि यह घटना 12 अप्रैल की रात को काकनवानी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी. पुलिस ने इस मामले में कुल 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. पति समेत चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.
पुलिस का का कहना है कि जो लोग इस हैवानियत में शामिल थे, उन्हें तो सजा मिलेगी ही, जिन लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर महिला की पहचान और सम्मान को ठेस पहुंचाई है, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा. फिलहाल पीड़ित महिला को सुरक्षा और काउंसलिंग दी जा रही है. फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.