महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 2019 में हुए एक गंभीर सड़क हादसे को लेकर मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने अहम फैसला सुनाया है. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था. अब ट्रिब्यूनल ने मृतक की पत्नी और घायल व्यक्ति को कुल मिलाकर 24 लाख रुपये से ज्यादा का मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह फैसला 24 दिसंबर 2025 को पारित किया गया, जिसकी प्रति सोमवार को उपलब्ध कराई गई.
कब और कहां हुआ था हादसा?
यह दुर्घटना 30 सितंबर 2019 को थाणे जिले के भीवंडी-वाडा रोड स्थित वंजारपट्टी ब्रिज पर हुई थी. हादसे के समय स्कूटर पर दो लोग सवार थे, जो रोजमर्रा की तरह अपने काम से जुड़े सफर पर थे. पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक पिकअप ट्रक ने स्कूटर को टक्कर मार दी थी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सवार गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
मृतक और घायल की पहचान
हादसे में स्कूटर चला रहे थे अंकुश केशव पाटिल (51), जबकि पीछे बैठे थे बाबन श्रीधर पाटिल (67) दोनों ही भीवंडी की एक चाइल्ड डेवलपमेंट संस्था में कार्यरत थे और लगभग 15,000 रुपये मासिक वेतन पाते थे. हादसे के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान बाबन पाटिल की उसी दिन मौत हो गई थी.
हादसे की वजह पर ट्रिब्यूनल की टिप्पणी
मामले की सुनवाई कर रहे ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष के. पी. श्रीखंडे ने अपने आदेश में साफ कहा कि पिकअप ट्रक पीछे से तेज रफ्तार में आया और लापरवाही से स्कूटर को टक्कर मारी. ट्रिब्यूनल ने माना कि यह पूरी तरह से ट्रक चालक की तेज और गैर-जिम्मेदार ड्राइविंग का नतीजा था, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ.
बीमा कंपनी की दलील खारिज
बीमा कंपनी और बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई थी कि स्कूटर चालक की भी लापरवाही (Contributory Negligence) हादसे की वजह हो सकती है. हालांकि ट्रिब्यूनल ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया. आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेज और सबूत साफ तौर पर दिखाते हैं कि टक्कर ट्रक ने मारी थी और स्कूटर चालक की कोई गलती साबित नहीं होती.
घायल अंकुश पाटिल की गंभीर हालत
हादसे में अंकुश पाटिल को बेहद गंभीर चोटें आईं. उन्हें चेहरे की कई हड्डियों में फ्रैक्चर हुआ और जांच में 67 प्रतिशत स्थायी आंशिक विकलांगता पाई गई. इस दुर्घटना ने न सिर्फ उनकी शारीरिक क्षमता छीनी, बल्कि उनकी आजीविका पर भी गहरा असर डाला. ट्रिब्यूनल ने मुआवजा तय करते समय इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखा.
कितना मुआवजा तय हुआ
ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि ट्रक के मालिक और बीमा कंपनी संयुक्त रूप से मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार होंगे. मृतक बाबन पाटिल की पत्नी को 5.34 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि गंभीर रूप से घायल अंकुश पाटिल को 19,00,690 रुपये की राशि मिलेगी. इसके साथ ही दोनों को याचिका दायर करने की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा.
फैसले का महत्व और संदेश
यह फैसला सड़क हादसों के मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम उदाहरण माना जा रहा है. ट्रिब्यूनल ने साफ संदेश दिया है कि लापरवाही से वाहन चलाने वालों और उनके बीमाकर्ताओं को जिम्मेदारी से बचने नहीं दिया जाएगा. ऐसे फैसले पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं.