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निवेश का झांसा देकर कारोबारी को बनाया बंधक, पिस्टल की नोक पर खाते से उड़ाए ₹2.17 करोड़

महाराष्ट्र के ठाणे में निवेश का झांसा देकर कर्नाटक के कारोबारी को कई होटलों में बंधक बनाकर रखा गया. पिस्टल दिखाकर उससे नेट बैंकिंग डिटेल्स हासिल की गई और फिर उसके खाते से ₹2.17 करोड़ की ऑनलाइन को अंजाम दिया गया. पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया (फोटो-ITG)
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया (फोटो-ITG)

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में निवेश के नाम पर एक कारोबारी को फंसाकर बंधक बनाने और करोड़ों की लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है. कर्नाटक के शिवमोगा निवासी एक युवा कारोबारी को निवेश का झांसा देकर महाराष्ट्र बुलाया गया. यहां उसे अलग-अलग होटलों में कैद रखा गया और हथियारों के दम पर उससे मोटी रकम ऐंठ ली गई. यह घटना 15 से 18 दिसंबर 2025 के बीच हुई. मामले ने ऑनलाइन ठगी और अपहरण के खतरनाक ट्रेंड को उजागर किया है. पुलिस ने अब इस केस में बड़ी कार्रवाई की है.

कर्नाटक के कारोबारी को फंसाया
पीड़ित कारोबारी की पहचान 31 वर्षीय शमंतकुमार शादक शरप्पा कार्दर के रूप में हुई है. वह कर्नाटक के शिवमोगा जिले का रहने वाला है और खुद का कारोबार करता है. 15 दिसंबर 2025 को उसे एक फोन कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अंकित बताकर उसकी कंपनी में निवेश की इच्छा जताई. कारोबारी ने इस प्रस्ताव पर भरोसा कर लिया. इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे जाल में फंसा लिया.

ठाणे बुलाकर खौफनाक खेल
निवेश की बातचीत के बाद आरोपी ने कारोबारी को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के काशीमीरा इलाके में बुलाया. कारोबारी तय तारीख पर वहां पहुंच गया. लेकिन निवेश की मीटिंग की बजाय उसे अलग-अलग जगहों पर घुमाया जाने लगा. आरोपी ने 15 से 18 दिसंबर के बीच उसे तीन अलग-अलग होटलों में ले जाकर ठहराया. इन होटलों में उसे बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई. धीरे-धीरे कारोबारी को एहसास हुआ कि वह बंधक बन चुका है.

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जान से मारने की धमकी
पुलिस के मुताबिक आरोपी अंकित बापू थोंबरे ने कारोबारी को पिस्टल दिखाकर डराया. उसके एक साथी ने चाकू दिखाकर धमकी दी. दोनों ने मिलकर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी. डर और दबाव में आकर कारोबारी कुछ भी समझ नहीं पा रहा था. हथियारों के साए में उसे मानसिक रूप से तोड़ा गया. इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने अगला कदम उठाया.

नेट बैंकिंग डिटेल्स लेकर ठगी
आरोपियों ने कारोबारी से जबरन उसका नेट बैंकिंग आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया. इन डिटेल्स का इस्तेमाल कर उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए. पीड़ित के करंट अकाउंट से कुल ₹2,17,63,287 की रकम निकाल ली गई. यह पूरी प्रक्रिया अवैध और जबरन की गई थी. कारोबारी पूरी तरह असहाय स्थिति में था. बाद में किसी तरह छूटने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया.

क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच
पीड़ित की शिकायत के आधार पर काशीमीरा पुलिस ने 2 जनवरी को मामला दर्ज किया. FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज की गई. इसमें हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने और आर्म्स एक्ट की धाराएं शामिल हैं. इसके बाद मामले की जांच मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच यूनिट-1 को सौंपी गई. जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए.

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विदेशी नंबर से छिपने की कोशिश
ACP (क्राइम) मदन बल्लाल के अनुसार आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए यूनाइटेड किंगडम का मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया था. पुलिस को गुमराह करने की यह एक बड़ी कोशिश थी. बावजूद इसके, तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली. आखिरकार 6 जनवरी को अंकित बापू थोंबरे को नवी मुंबई के पास शिलफाटा इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया.

SUV कार जब्त
पुलिस ने जांच के दौरान उस SUV को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल आरोपी ने इस अपराध में किया था. इस वाहन से पीड़ित को इधर-उधर ले जाया गया था. SUV की जब्ती से पुलिस को अहम सबूत मिले हैं. इससे आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग की पुष्टि हुई है. पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच कर रही है.

फरार साथियों की तलाश
हालांकि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन उसके साथी अभी फरार हैं. पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा. इस मामले ने निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के खतरों को उजागर किया है. पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी निवेश प्रस्ताव की पूरी जांच करने की अपील की है.
 

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